नरेंद्र मोदी का नीतीश पर वार, खिंची तलवार

modi with nitish kumarपटना । जदयू और भाजपा का रिश्ता सुधर कम, बिगड़ ज्यादा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में नीतीश कुमार को घेरा, तो जदयू के सूरमा भाजपाइयों के खिलाफ शुरू हो गए। जदयू ने हिदायत दी है कि भाजपा को गठबंधन धर्म की मर्यादा को बरकरार रखने में अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी चाहिए।

दरभंगा में प्रमंडलीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा सांसद कीर्ति आजाद को बोलने से रोकने के मसले पर भी दोनों दलों के बीच घमासान छिड़ा है। रविवार को उक्त दोनों मसलों पर दरभंगा-पटना से लेकर राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) तक दोनों दलों के बीच तलवारें खिंची रहीं। राजनंदगांव में नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैंने ऐसे भी मुख्यमंत्री देखें हैं, जो दावा करते हैं कि वे जनता के दिलों पर राज करते हैं। मगर सच्चाई यह है कि वे जनता के बीच बड़ी मुश्किल से जा पाते हैं। कई को तो भारी विरोध का सामना करना पड़ता है। जनता उनसे वापस लौटने को कहती है। कुछ पर पत्थर फेंके गए हैं। कुछ को अपनी यात्राएं स्थगित करनी पड़ी है।’ इशारों में नीतीश कुमार पर की गई टिप्पणी को जदयू के नेता बर्दाश्त नहीं कर पाए। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, ‘यह सब बिल्कुल मुनासिब नहीं है। यह रुकना ही चाहिए।’ इस क्रम में दरभंगा प्रकरण भी आया। बताया गया कि नीतीश कुमार सेवा यात्रा के दूसरे दिन यानी शनिवार को दरभंगा में प्रमंडल स्तर की समीक्षा बैठक ले रहे थे। कीर्ति आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बैठक में उनको बोलने से रोका। बैठक से बाहर निकलने के बाद आजाद के तीखे तेवर से तकरार की नौबत आ गई। उन्होंने सेवा यात्र पर भी यह कहकर सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री सेवा यात्र के नाम पर ‘हेलीकॅाप्टर यात्र’ कर रहे हैं। आजाद की टिप्पणी पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा भाजपा के सांसद मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह बोले-‘अच्छा होता कि कीर्ति आजाद क्रिकेट ही खेलते रहते।’

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