हाईकोर्ट ने आरपीएससी को दी गाइड लाइन
जोधपुर (शेख रईस अहमद)। आरएएस भर्ती-2012 के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने मुख्य परीक्षा का परिणाम रद्द कर दिया है। उच्च न्यायालय ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को नई गाइड लाइन के आधार पर नए सिरे से परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं। भंवरलाल एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए न्यायाधीश डॉ. विनीत कोठारी ने यह आदेश दिए। इस मामले में एकलपीठ ने गत तीन मार्च को मुख्य परीक्षा का परिणाम रद्द कर दिया था। जिसे आयोग ने खण्डपीठ में चुनौती दी तो खण्डपीठ ने एकलपीठ को पुन: सुनवाई करने के आदेश दिए। एकलपीठ ने अब दुबारा विस्तृत रूप से सुनवाई के बाद बुधवार को फैसला सुनाया। जिसमें अपना पुराना मत बरकरार रखते हुए 27 जनवरी को घोषित परिणाम रद्द करने का आदेश दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने करीब 170 अभ्यर्थियों की याचिकाओं का निस्तारण कर दिया। अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव प्रकाश शर्मा व ए.के. चौधरी तथा आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जेण्पीण् जोशी व हनुमानसिंह चौधरी ने पैरवी की।
हाईकोर्ट की गाइडलाइन
यह परिणाम रद्द कर नए सिरे से परिणाम तैयार किया जाए।
7 या 9 सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी इस बात का निर्धारण करे कि
स्केलिंग में दस प्रतिशत से अधिक अंतर नहीं आए। यदि ऐसा होता है तो दस प्रतिशत से अधिक स्केलिंग को हटाया जाए।
आरपीएससी रॉ.माक्र्स के आधार पर परिणाम जारी करने के लिए स्वतंत्र है।
31 जुलाई के आरपीएससी के संशोधन के आधार पर नए पैटर्न पर परीक्षा होने के संबंध में अभ्यर्थियों का तर्क याचिका में नहीं होने के कारण अस्वीकार। मंत्रीमण्डल के फैसले को भी याचिका में चुनौती नहीं देने के कारण विचार नहीं।
स्केलिंग अवैध नहीं, लेकिन इससे पूर्व में जो मानक निर्धारित किए गए वे नहीं अपनाए गए।
अब आगे क्या:
राजस्थान लोक सेवा आयोग एकलपीठ के इस आदेश को खण्डपीठ में चुनौती दे सकता है।