हमारा ध्येय परवन क्षेत्र के किसान भाईयों को लाभ दिलवाने का

प्रमोद भाया
प्रमोद भाया
पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान जल संसाधन विभाग द्वारा परवन वृहद सिंचाई परियोजना की विŸाीय एवं प्रशासनिक स्वीकृृति दिनांक 30.08.2013 को 2360.43 करोड़ रूपये की जारी की गई थी। राज्य सरकार द्वारा जारी विŸाीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति सशर्त नही थी अर्थात् सभी महत्वपूर्ण औपचारिकताएं एवं केन्द्रीय स्तर की स्वीकृतियां जारी हो चुकी थी। बजट में परवन डेम निर्माण की लागत राशि भी उपलब्ध थी।
राजस्थान की भाजपा सरकार के जल संसाधन मंत्री द्वारा विधानसभा में विधायक श्री भरोसीलाल जाटव के प्रश्न संख्या 2859 के जवाब में भी उक्त स्वीकृति जारी होना स्वीकार करते हुए प्रश्न का लिखित उŸार विधायक महोदय को दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल जी गाँधी एवं तत्कालीन कांग्रेस मुख्यमंत्री द्वारा परवन वृहद सिंचाई परियोजना का शिलान्यास दिनांक 17.09.2016 को किया गया एवं इसके निर्माण कार्य के लिए ईएनआईटी नं. 4 वर्ष 2013-14 राशि 652.65 करोड़ रूपये की जारी की गई।
पूर्व मंत्री भाया ने बताया कि केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से वन भूमि प्रत्यावर्तन की फाईल नं. 8.10/2012 एफसी दिनांक 07.08.2013 को स्वीकृत की गई जिसमें 2 प्रमुख शर्तें क्रमशः 296.45 करोड़ रूपये की एनपीवी राशि का भुगतान वन विभाग को किया जाना था एवं 1825 हेक्टर भूमि को सेटअपार्ट करके वन विभाग को स्थानान्तरित की जानी थी। यह कार्य अधिक से अधिक 2-3 माह की समयावधि में पूर्ण हो सकता था। वन विभाग को जो राजस्व भूमि, राजस्व विभाग द्वारा हस्तांतरित की जानी थी उसके हस्तांतरण प्रस्ताव भी कांग्रेस शासन के दौरान तैयार होकर वन विभाग को भिजवाए जा चुके थे। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण कांग्रेस शासन के दौरान उक्त कार्य नहीं हो सके। भाजपा शासन ने दिसम्बर 2013 में सŸाा सम्भालते ही परवन सिंचाई परियोजना के वन विभाग की एनपीवी राशि जमा कराने, वन विभाग को भूमि हस्तांतरित करने, कांग्रेस शासन के दौरान जारी निविदाओं को स्वीकृत कर कार्यादेश जारी करने के सभी कार्यो को निष्क्रिय कर दिया एवं मेरे द्वारा 12 दिसम्बर 2015 से परवन वृहद सिंचाई परियोजना का मौके पर निर्माण प्रारंभ कराने के लिए प्रारंभ की गई जन जागरण पदयात्राओं से भाजपा शासन पर दबाव पड़ा, किसाई भाई एवं किसान संगठन आक्रोशित होने लगे। दिनांक 17.06.2016 को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री सचिन जी पायलट की मौजूदगी में बारां जिला मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन के आयोजन में भाजपा शासन के प्रति किसान भाई आक्रोशित थे। इसलिए भाजपा सरकार ने मजबूर होकर इस कार्य को आगे बढाया। इनकी बदनियति यहीं स्पष्ट होती है कि परवन परियोजना के वन विभाग की जो पूर्तियां 2-3 माह में पूर्ण होने लायक थी, उन्हें पूर्ण करने में तीन साल से अधिक समय लगा दिया जिसके लिए भाजपा शासन दोषी है।
कांग्रेस शासन के दौरान ही परवन वृहद सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 652.65 करोड़ रूपए की निविदाएं जारी की गई थी, जिन्हें भी भाजपा शासन ने कई बार स्थगित किया, कई बार निरस्त कर पुनः निविदाएं जारी की। वर्तमान में भी बांध निर्माण की जो निविदाएं लगी हुई है वह कांग्रेस शासन के दौरान जारी निविदा की काॅपी ही है, इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं है जबकि तीन वर्ष की देरी के कारण परियोजना की लागत राशि 2360 करोड़ से बढकर 4824 करोड रूपए हो चुकी है।
पूर्व मंत्री भाया ने बताया कि भाजपा शासन एवं मुख्यमंत्री तथा उनके सांसद पुत्र श्री दुष्यंत सिंह जी की कथनी और करनी में कोई विश्वास नही बचा है। भाजपा मुख्यमंत्री एवं सांसद दुष्यंतसिंह जी मतदाताओं से वोट प्राप्त करने के लिए हर हथकंडे अपना सकते है। लोकसभा चुनाव के दौरान आयोजित जनसभाओं में स्वयं मुख्यमंत्री वसुंधराराजेजी एवं उनके सांसद पुत्र दुष्यंतसिंह जी ने किसानों एवं क्षेत्र के मतदाताओं से वायदा किया था कि लोकसभा चुनाव निपटते ही परवन बांध का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा, परंतु 30 माह बाद भी कार्य शुरू नहीं करा सके हैं। इससे स्पष्ट है कि इनकी कथनी और करनी में अंतर है। इसलिए मेरा जो संकल्प है वह बना रहेगा। परवन वृहद सिंचाई परियोजना निर्माण के लिए मेरी पदयात्राएं मौके पर संवेदक कंपनी को कार्यादेश जारी होने एवं संवेदक कंपनी द्वारा मौके पर निर्माण प्रारंभ होने तक निरंतर जारी रहेगी। भाजपा शासन की निष्क्रियता के कारण हुई तीन साल की देरी किसान भाईयों एवं जिले के लिए कष्टप्रद है। हमारा ध्येय मौके पर शीघ्र निर्माण कार्य प्रांरभ करवाने एवं परवन क्षेत्र के किसान भाईयों को लाभ दिलवाने का है।

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