अजा जजा आयोग एवं बंधुआ मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचेंगे बाड़मेर

आंदोलनकारियों के साथ प्रषासन की सुलह वार्ता रही फेल
badmer newsबाड़मेर, 23 जून।
खेताराम भील प्रकरण एवं नगरपरिषद के ठेकेदार बाबूलाल मेघवाल को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामलों मे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला कलक्टर कार्यालय के सामने चल रहा बेमियादी आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों के साथ जिला कलक्टर के निर्देषों पर अपर कलक्टर ओमप्रकाष विष्नोई एवं डीएसपी रतनलाल और ओमप्रकाष उज्जवल की संयुक्त कमेटी ने एक घंटे तक सुलह वार्ता की लेकिन कोई समाधान नही निकला। पिडि़तो द्वारा पिछले 22 दिनों से धरना दिया जा रहा है।
दलित नेता दानराम वाघेला व मेघवाल परिषद के अध्यक्ष मूलाराम मेघवाल ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि खेताराम प्रकरण मे उसके बीवी बच्चे और माता पिता के भूख हड़ताल पर रहने से हालात खराब हो रहे हैं जिला कलक्टर ने भी इसे गंभीर माना हैं। पुलिस ने अभी तक खेताराम के परिजनों को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत निर्धारित सहायता राषि तक नही दी हैं जबकि एफआईआर दर्ज होने के 7 दिन मे सहायता राषि दिये जाने का प्रावधान हैं। मृतक खेताराम की पत्नी गर्भवती है तथा पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर है, जिससे बच्चें व स्वयं की जान को खतरा है।
उन्होने बताया कि अनुसूचित जाति जनजाति के उक्त दो प्रकरणों मे पुलिस के बेपरवाह रवैये से दलित समुदाय मे आक्रोष बढता जा रहा हैं। इस संबंध मे दलित नेताओं ने अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ साथ बंधुआ मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेष से भी चर्चा कर बाड़मेर दौरे का आग्रह किया, जिस पर उन्होने स्वीकृति दी हैं। उन्होने बताया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने गये दलित नेताओं के साथ जिला कलक्टर ने बातचीत कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और एडीएम के साथ दो पुलिस उपाधीक्षकों की कमेटी बना कर बातचीत करने को कहा।
इस कमेटी के साथ दलित नेता मूलाराम मेघवाल अध्यक्ष राजस्थान मेघवाल परिषद, दानाराम वाघेला संयोजक दलित आदिवासी संघर्ष समिति, पूर्व प्रधान उदाराम मेघवाल, मजदूर नेता लक्ष्मण बडेरा, जिला परिषद सदस्य किषनलाल भील, श्रवण कुमार चंदेल, वरिष्ठ नेता अग्रेन्द्र कुमार मेघवाल, भील समाज अध्यक्ष भूराराम भील, बंधुआ मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष कैलाष रावत, पदमाराम, जैसलमेर से पेमाराम भील, बगताराम मंसूरिया, पूर्व सरपंच मघाराम बंधड़ा, राजूदास महाराज, पार्षद सोहन मंसूरिया, केवलचंद बृजवाल, बलवंत मंसूरिया, श्यामसिंह सोढा बंधड़ा, गुलाराम बाहला कमेटी ने 1 घंटा तक विभिन्न बिन्दुओं को लेकर बातचीत की मगर कोई हल नही निकला। पुलिस के अधिकारी अभी तक दोनों मामलों मे किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की बात ही नही कर रहे हैं जबकि दोनों मामलों मे काफी समय गुजर गया हैं।
दलित नेताओं ने शुक्रवार को फिर चोहटन विधायक तरूण कागा के साथ बातचीत कर राज्य सरकार स्तर पर आरोपितों की गिरफ्तारी करवाने का अनुरोध किया। कागा ने कहा कि वे पूरे दोनों मामलों मे मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं तथा उन्होने शीघ्र ही न्याय का भरोसा दिलाया हैं। उन्होने बताया कि बाबूलाल मेघवाल मामले मे शुक्रवार को भी बाड़मेर से गये दलित नेताओं के एक षिष्टमंडल ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी जयपुर मे चर्चा कर जांच बदलने की मांग की हैं और डीएसपी पक्षपातपूर्ण जांच का आरोप लगाया हैं।

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