उष्ट्र दुग्ध उत्पादन एवं विपणन पर होगी गहन चर्चा
बीकानेर, 1 जुलाई। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र द्वारा पांच जुलाई को 34वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
इस अवसर पर दुग्ध उत्पादन एवं विपणन से जुड़े देशभर के विषय-विषेषज्ञ, एन्टरप्रेन्योर, ऊँट पालक शिरकत करेंगे। केन्द्र के वैज्ञानिक ऊँटनी के दूध से मानव रोगों में स्वास्थ्य लाभ प्राप्ति के संबंध में अनुसंधान विषेषज्ञांें एवं आॅटिज्म संबंधित रोग से ग्रसित बच्चों के अभिभावकों के साथ चर्चा करेंगे।
प्रातः 10 से सायं 6 बजे तक ऊँट पालकों, किसानों, स्कूली छात्र-छात्राओं, अध्यापकों एवं आमजन को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। जिसमें उष्ट्र संग्रहालय भ्रमण, कैमल कार्टिंग की निःशुल्क सुविधा दी जाएगी। इस माध्यम से विद्यार्थी, केन्द्र की गतिविधियों एवं अनुसंधान कार्याें को शैक्षणिक स्वरूप में पा सकते हैं।
केन्द्र निदेषक डाॅ.एन.वी.पाटिल ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य ध्येय बदलते परिवेश में ऊँटनी के दूध की बड़े शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए उष्ट्र दुग्ध व्यवसाय को विपणन की दृष्टि से श्रंखलाबद्ध(चेन सिस्टम) प्रणाली में विकसित करना है। साथ ही इस व्यवसाय हेतु उन्मुख नए उद्यमियों को दूध संग्रहण एवं परिवहन की सुगम व्यवस्था हेतु जागरूक करना भी है, जिससे उष्ट्र दुग्ध उपभोक्ताओं को व्यवस्थित व नियमित रूप से दूध की आपूर्ति सुनिश्चित करवाई जा सके तथा ऊँट पालकों को दूध का उचित बाजारभाव भी मिल सके। केन्द्र में विषय-विशेषज्ञों की मौजूदगी का लाभ लेने हेतु आमजन भी सादर आमन्त्रित है, जिससे वे उष्ट्र दूध की मानव स्वास्थ्य लाभ हेतु औषधीय उपयोगिता जान सकें।
इस दौरान ऊँटनी के दूध विपणन के संबंध में प्रातः 10 बजे से विभिन्न व्याख्यान चलेंगे। जिनमें पशुपालन विभाग, राजस्थान, सरहद डेयरी, भुज, गुजरात उद्यमिता प्रबंधक, उष्ट्र हित-धारक/स्टेक होल्डर व उष्ट्र पालकों को एक मंच (प्लेट फार्म) प्रदान करवाए जाने पर वैचारिक मंथन होगा। इस दौरान ऊँटनी के दूध का मानव रोगों में स्वास्थ्य लाभ व अन्य विभिन्न पहुलाओं को भी सदन में रखा जाएगा। इस कार्यक्रम में बाबा फरीद सेन्टर के डाॅक्टर जिन्होंने ऊँटनी के दूध से आॅटिज्म प्रयोग कर प्रभावित बच्चों में सफल परिणाम पाए हैं, जिनसे परामर्श कर लाभ लिया जा सकता है।
– मोहन थानवी
अधिकारी ग्रामीण सेवाओं को गंभीरता से ले-जिला कलक्टर गुप्ता
बीकानेर,01 जुलाई। अधिकारी ग्रामीण सेवाओं को गंभीरता से लें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें। ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति अधिकारी संवेदनशील बने और गांव में नियुक्त अधिकारी व कार्मिक मुख्यालय पर मौजूद रहकर,लोगों के काम करें।
ग्राम पंचायत केला के अटल सेवा केन्द्र में शुक्रवार को देर रात तक चली चौपाल में जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने ग्रामीणों के अभाव-अभियोग सुनने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कार्मिक की उपस्थिति गांव में शतप्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। अधिकारी रात्रि चैपाल को गंभीरता से लेते हुए,इसमें भाग लेंगे।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीणांे ने कहा कि पशुपालन व खेती उनके जीवनयापन का मुख्य आधार है। पशुचिकित्सक के अभाव में पशुओं का समय पर उपचार नहीं होता है। जिस कम्पाउडर को विभाग ने लगा रखा है,वह गांव में अनुपस्थित रहता है। इस पर जिला कलक्टर ने कम्पाउंडर कमलकुमार शर्मा से शिकायत के संबंध में जानकारी ली और जबाव से संतुष्ट नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्हांेने संयुक्त निदेशक पशुपालन के चैपाल में नहीं पहुंचने पर उनसे दूरभाष पर बात करते हुए अनुपस्थित रहने का कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हांेने कमलकुमार शर्मा को राजकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर उसे निलम्बित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि शर्मा की जगह लाखूसर की पुष्पा को सप्ताह में दो दिन सोमवार और मंगलवार को केला में लगाया जायेगा।
ग्राम पंचायत में बेसहारा पशुओं से उत्पन्न समस्या के संबंध में उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस समस्या से स्वयं निजात पा सकते है। ग्राम पंचायत केला में उपलब्ध 4728 बीघा गौचर भूमि में तारबंदी करवाकर,बेसहारा पशुओं को रख सकते हंै। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत इस प्रकार का कोई प्रस्ताव पास करती है,तो ग्रामीण इसमें सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने केला में स्वीकृत खेल मैदान को मूर्तरूप देने,प्रधानमंत्री आवास योजना तहत स्वीकृत हुए आवासों के लिए नई भूमि आवंटित करवाने,केला में पेयजल के लिए नई पाइप लाइन को सत्तासर से जोड़ने,वार्ड 7 व 8 की पेयजल लाइन को बदलवाने,उच्च माध्यमिक विद्यालय में ऊर्दू विषय खुलवाने, अराजीराज भूमि पर निवास करने वाले महाजन फील्ड फायरिंग रैंज के 15 परिवारों ने अराजीराज भूमि को आबादी में बदलने तथा विशेष योग्यजन उस्मान ने कारोबार करने के लिए राज्य सरकार से ऋण स्वीकृत करने की मांग की।
इस अवसर पर कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी छत्तरगढ़ राजेश नायक,तहसीलदार सुरेश राव,विकास अधिकारी वैभव अरोड़ा,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.देवेन्द्र चौधरी,उपनिदेशक (कृषि विस्तार) डाॅ.उदयभान,उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एल.डी.पंवार,अधीक्षण अभियन्ता विद्युत हवासिंह,अधीक्षण अभियन्ता पीएचईडी दीपक बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
– मोहन थानवी