कल्पसूत्र के श्रवण से खुलते है मोक्ष के द्वार

आज मनाएंगे भगवान महावीर का जन्म कल्याणक

03फ़िरोज़ खान
बारां 21 अगस्त। जैन श्वेताम्बर संघ के श्री चंद्रप्रभू मंदिर में चल रहे पर्यूषण महापर्व के चैथे दिन अखिल भारतीय श्री वर्धमान जैन नवयुवक मण्डल, जावरा से आये स्वाध्यायी बन्धु विशाल जैन निवासी डग एवं रत्नेश जैन निवासी बोलिया ने अपने व्याख्यान में बताते हुए कहा कि जो आत्मा 21 बार भावपूर्वक कल्पसूत्र सुनते है उनके लिए मोक्ष द्वार अवश्य खुल जाता है। रचनाकार भद्रबहु स्वामीजी ने बताया कि कल्प अर्थात् आचरण। आचरण का विचार के ऊपर काफी प्रभाव पड़ता है। ‘‘जैसा खाए अन्न वैसा बने मन’’ प्रारंभ में आए साधुओं में दस आचार का वर्णन किया गया है।

स्वाध्यायी बंधुओं ने अपने व्याख्यान में बताया कि आत्मा परम सुख का मोक्ष बनता है तथा उसका भव भ्रमण समाप्त हो जाता है। इसमें भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर स्वामी आदि 24 तीर्थकरों के जीवन चरित्र के बारे में बताया गया है। भगवान महावीर के 27वें भव में देवानंदा की कुक्षि चयन हुआ। 82 दिन पश्चात इन्द्र ने हरिणगयेषि देव की सहायता से तारक महावीर स्वामी को त्रिशला रानी के कुक्षि में संक्रमण कराया। दस आश्चर्य घटित हुए।

श्री चन्द्रप्रभू स्वामी महिला मण्डल अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अवसर पर ‘‘ झूमो गाओ भक्ति में रंग जमाओ’’ प्रतियोगिता में उपाध्याय गु्रप प्रथम, साधु गु्रप द्वितीय तथा आचार्य गु्रप ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मण्डल की तरफ से उनको पारितोषिक प्रदान किए गए। प्रमोद-उर्मिला भाया ने कल्पसूत्र को भाईयों को बोहराया।

समाज अध्यक्ष राजेन्द्र रंगावत ने बताया कि पर्यूषण पर्व की श्रृंखला में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक मंगलवार को श्वेताम्बर जैन मंदिर में जैन समाज द्वारा बडे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसमंे भगवान महावीर के जन्म का वाचन होगा, बोलियां लगेगी एवं भगवान का वरगोडा निकलेगा। कार्यक्रम को व्यापक रूप प्रदान करने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है जिसमंे नाटक मंचन, भजन, कीर्तन व विशेष भक्तियां की जाएगी। पर्यूषण पर्व के अवसर पर मोना श्रीमाल, प्रिया श्रीमाल, खुशबू, शीतल मारू, प्रांगल बोरडिया, के चोविहार तेल की तपस्या उपवास चल रहे है।

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