“अच्छी शिक्षा और वातावरण के बावजूद चरित्र निर्माण में सफल नहीं हो पाने के जिम्मेदार हम खुद”
बीकानेर 9 नवम्बर 2017। महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय, श्री मक्खन जोशी वेलफेयर सोसायटी, बीकानेर एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में व्यक्तित्व का समग्र विकास एवं चरित्र निर्माण विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला बुधवार को महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में आयोजित हुई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति भगीरथ बिजारणिया, विशिष्ट अतिथि महापौर नारायण चौपड़ा एवं मुख्य वक्ता शिक्षा, संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव के अतुल भाई कोठारी थे। डॉ. चन्द्रशेखर कच्छावा ने अतिथियों का परिचय दिया एवं कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में बताया।
मुख्य अतिथि कुलपति बिजारणिया ने भारतीय संस्कृति सबसे प्राचीन संस्कृति बताते हुए कहा कि हम अच्छी शिक्षा और वातावरण होते हुए भी चरित्र निर्माण में सफल नहीं हो पा रहे हैं इसके लिये हम स्वयं जिम्मेदार है।
मुख्य वक्ता कोठारी ने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात समाज को कुछ देने की प्रवृति विकसित होनी चाहिये। उन्होनें वर्तमान शिक्षा व्यवस्थ को बदलने की महती आवश्यकता बताई। प्राचार्य डॉ. उमाकान्त गुप्त ने कहा कि आज व्यक्ति के जीवन से समरसता, चरित्र आदि विदा हो चुके हैं। जिनके समेकित परिणाम से ही परिवार बिखर रहे हैं एवं विश्व स्तर पर आतंकवाद फैल रहा है। आरंभ में विषय प्रवर्तन डॉ. अनिला पुरोहित ने किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में महापौर चौपड़ा ने कहा कि आज समाज को वास्तव में चरित्र निर्माण में हम पिछड़ रहे हैं।सोसायटी के सचिव अविनाश जोशी ने त बताया कि स्वामी सुबोध गिरी महाराज ने अतिथियों को पुस्तक भेंट की।
सोसायटी के अध्यक्ष शांतिप्रसाद बिस्सा ने आयोजन की सराहना की व सभी का आभार व्यक्त किया।
द्वितीय सत्र में दैनिक जीवन में व्यक्तित्व विकास के प्रयोग में कोठारी एवं दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने व्यक्तित्व विकास पर चर्चा की। अध्यक्षता डॉ. धर्मचन्द जैन ने की।
तृतीय समानांतर में तकनीकी शिक्षा में नैतिकता में गौरव बिस्सा, डॉ. देवाराम गोदारा, ने अपने पत्र प्रस्तुत किये। वैदिक गणित में एन.के.सोनी, डॉ. शशिकांत वर्मा ने भी अपने पत्र प्रस्तुत किये। अध्यक्षता तरूण कुमार सोलंकी ने की। समापन समारोह में सुनील रामपुरिया मुख्य अतिथि एवं डॉ. बेला भनोत समारोह अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
विद्वजन बने साक्षी :-
कार्यशाला में मीडिया प्रभारी डॉ. राजेन्द्र पुरोहित सहित डॉ. मीना रानी, डॉ. इन्द्रा विश्नोई, डॉ. प्रकाश अमरावत, डॉ. दिव्या जोशी, डॉ. सोनू शिवा, डॉ. उषा कंवर, डॉ. नंन्दिता सिंघवी, डॉ. चंचल कच्छावा, डॉ. बजरंग सिंह राठौड़, डॉ. ए. के. यादव, डॉ. अरूणा चक्रवर्ती एवं डॉ. मनीषा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में बीकानेर के विभिन्न महाविद्यालयों के संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
– मोहन थानवी