बीकानेर 17 दिसम्बर । जनजीवन कल्याण सेवा समिति, बीकानेर के 37 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार भवानीशंकर व्यास “विनोद” ने कहा नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सम्मान दिलाती है । मुख्य अतिथि संगीताचार्य डॉ.मुरारी शर्मा ने कहा कि सेवा का जज्बा ही आदमी को तरक्की के रास्ते ले जाता है । विशिष्ठ अतिथि शिक्षाविद ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि यह संस्था भामाशाहों के सहयोग से जमीन से जुडकर काम कर रही है । इस संस्था ने अलग अलग क्षेत्रों में महिलाओं के लिए प्रसंशनीय कार्य किया और अभी कर रही है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में डॉ.एस.एन.हर्ष ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्था के कार्यों की सराहना की । संस्था के महा सचिव डॉ.एम.एल.व्यास ने बताया कि सेवा के 37 साल बेमिशाल हैं । किसी भी कार्य को सम्पन्न करने हेतु अर्थ की जरुरत रहती है लेकिन इस संस्था के भामाशाहों ने अर्थ की कमी कभी नहीं आने दी । सिलाई, कढाई एवं बुनाई के क्षेत्र में महिलाओं ने रुचि लेकर 90 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी रोजी रोटी की जुगत में कामयाब हुई हैं । इससे समिति की साख बढी है । संस्थान अध्यक्ष एन.डी.रंगा ने कहा कि सेवा का सम्मान होना चाहिए 37 वर्ष कोई कम नहीं होता यह संस्था समाजोपयोगी कार्य करके रचनात्मकता की ओर अग्रसर है । कार्यक्रम में समाज सेवा में चन्द्रमोहन शर्मा (यूएसए), प्रेमनारायण व्यास और मंजूर अली चन्दवानी, शिक्षा के क्षेत्र में महेशकुमार व्यास को “जनजीवन सेवा कल्याण सम्मान” अर्पित किया गया । विशेष अवार्ड “स्व.दुलीचन्द व्यास अवार्ड” समाजसेवी नेमचन्द गहलोत को अर्पित किया गया । कवि-कथाकार राजाराम स्वर्णकार ने संस्था के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महा सचिव एवं महिला इकाई के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई । मंच द्वारा जन कल्याण स्मारिका का लोकार्पण किया गया । राजेश चूरा, डॉ.शरद कल्ला, डॉ.बसंती हर्ष, गिरिराज पारीक, राजेन्द्र जोशी, मुरलीमनोहर के माथुर, डॉ.अजय जोशी, चन्द्रशेखर जोशी, श्रीमती कृष्णा आचार्य, सुमन औझा जोशी, श्यामसुन्दर चूरा, मधुरिमासिंह, नागेश्वर जोशी, डॉ.सुषमा बिस्सा, विजयलक्ष्मी रंगा, भगतीराम पांडे, श्यामसुन्दर पांडे, भंवरलाल व्यास,बाबुलाल छंगाणी, शिवशंकर शर्मा आदि ने विचार प्रकट किए । धन्यवाद ज्ञापन राजाराम स्वर्णकार ने किया । कार्यक्रम का संचालन सुधा आचार्य ने किया ।
राजाराम स्वर्णकार मो.न. 9314754724