गुणवत्ता टीमें करेंगी अस्पतालों की काया पलट

गुणवत्ता आश्वासन पर ग्रामीण व शहरी चिकित्सालयों के लिए प्रशिक्षण आयोजित
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बीकानेर। गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी अस्पतालों में अलग-अलग विषय पर गुणवत्ता टीमें बनाकर उत्तरदायित्व सौंपे जाएंगे। ये टीमे अपने विषय पर सेवाओं को गुणवत्ता मानदंडों पर कसना सुनिश्चित करेंगी। चिकित्सा विभाग द्वारा अस्पतालों में सेवाओं के गुणवत्ता आश्वासन विषय पर आयोजित प्रशिक्षणों में मरीज की संतुष्टि पर ध्यान केन्द्रित किया गया।
रविवार को स्वस्थ्य भवन में शहरी स्वास्थ्य मिशन के 2 दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण के अंतिम दिन मुख्य प्रशिक्षक राज्य नोडल अधिकारी डॉ. रामबाबू जायसवाल व शशांक पाठक ने कायाकल्प कार्यक्रम, लैब सेवाओं में गुणवत्ता, केपीआई, मरीजों के अधिकार-संतुष्टि, एनक्यूएएस के लिए डॉक्यूमेंटेशन, नैदानिक अंकेक्षण व एसओपी के बारे में विस्तार से बताया। संयुक्त निदेशक डॉ. एच.एस. बराड़ ने सकारात्मक सोच के साथ सेवाओं की प्रशंशा करने और सेवाओं की छवि बनाने की अपील की। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने उक्त प्रशिक्षण से सेवाओं में सुनिश्चित गुणवत्ता सुधार होने की बात कही और सभी यूपीएचसी प्रभारियों को इसे अपने अस्पताल में लागू करने के निर्देश दिए। एनयूएचएम सलाहकार नेहा शेखावत ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के गुणवत्ता सुधार में पेश आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान की जानकारी दी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में गुणवत्ता आश्वासन के लिए होटल वृन्दावन में आयोजित 3 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी बताया कि गुणवत्ता सुधार स्वयं हॉस्पिटल स्टाफ के लिए फायदेमंद है। संक्रमण नियंत्रण के पैमानों पर अधिकाँश स्थानों पर लापरवाही देखी गई है जिसके शिकार सब से पहले स्वयं चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ होते हैं। उन्होंने मरीज की वास्तविक आवश्यकता अनुसार सेवाओं में वांछित सुधार करने की बात कही। उन्होंने सीएचसी डूंगरगढ़ में शुरू हुई सिजेरियन प्रसव सुविधा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशिक्षण का सन्देश यदि समस्त स्टाफ तक पहुँच जाएगा तो बीकानेर गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के नवीन आयाम स्थापित करता रहेगा।
प्रशिक्षण में डॉ. जायसवाल ने 8 विशेष ध्यान देने के बिन्दुओं पर मंथन किया जिनमे क्रियाकलापों में सर्विस प्रोविजन, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेज, क्लिनिकल केयर, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन व आउटकम जैसे विशेष ध्यान देने के 8 बिन्दुओं (8 एरिया ऑफ कंसर्न) को विस्तार से समझाया। एनएचएसआरसी की सलाहकार अक्षिता सिंह ने संस्थानों में आईईसी, सिटीजन चार्टर सहित विभिन्न गुणवत्ता चेक लिस्ट की जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर

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