फर्जी तरीके से राशन उठाने का मामला आया सामने

सरकारी कर्मचारी ने की मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
Menar-Lokesh Menaria.
जहां एक और देश के प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए भारत को डिजिटल बनाने में लगे हुए हैं उनका एक ही मकसद है कि भारत भ्रष्टाचार मुक्त हो और हर कार्य में पारदर्शिता है लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने वाले कर्मचारी या अधिकारी की ही मिलीभगत हो तो फिर यह सपना आखिर कैसे साकार हो जी हां ऐसा ही वाकया देखने को मिला वल्लभनगर तहसील की मेनार ग्राम पंचायत में जहां गरीबों के लिए दिए जाने वाले खाद्य सुरक्षा के तहत राशन की सामग्री एक राज्य कर्मचारी के राशन कार्ड के नाम से फर्जी तरीके से उठाने का मामला सामने आया जी हां आपको बता दें कि जयपुर में केंद्रीय विद्यालय में मेनार निवासी बद्री लाल साहू कार्यरत है उनका राशन कार्ड मेनार ग्राम पंचायत से बना हुआ है उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी तरह से मालूम है कि राज्य कर्मचारी होने के कारण खाद्य सुरक्षा में मिलने वाला लाभ उन्हें नहीं मिलता है इसलिए वह कभी राशन की दुकान पर राशन लेने गया ही नहीं इसी बीच गत दिनों उन्हें जानकारी में आया कि उनके राशन कार्ड के जरिए फर्जी तरीके से किसी के द्वारा राशन उठाया जा रहा है तो हाल ही में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान वह मेनार आए और मामले की तहकीकात की जिस ने फर्जी तरीके से राशन उठाया जाना पाया तो वे राशन डीलर के पास पहुंचे और जानकारी ली जिस पर राशन डीलर ने साफ कह दिया कि आप राजकीय कर्मचारी है इसलिए आपके नाम से राशन नहीं दिया जा सकता है और इसी के तहत उसने अपनी सील लगाकर राशन कार्ड में भी स्पष्ट अक्षरों में लिख रखा है जबकि एक दृष्टि राशन कार्ड पर डाली जाए तो किसी भी राशन देने का ब्यौरा उसमें अंकित नहीं कर रखा है जबकि ऑनलाइन चेक करने पर पाया गया कि उनके राशन कार्ड से करीब 1 क्विंटल से भी ज्यादा गेहूं उठाया जा चुका है । इससे तो ऐसा ही प्रतीत होता है कि दाल में काला जरूर है, सवाल उठता है कि राजकीय कर्मचारियों को राशन के पात्र नहीं माना जाता है तो फिर उनके नाम खाद्य सुरक्षा में जुड़े कैसे ऐसे में सूची बनाने वाले कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों पर भी सवालिया निशान उठना वाजिब है माना कि कर्मचारियों से कोई गलती हो भी गई हो तो भी उच्च अधिकारी आंखें बंद कर उसको आखिर किस आधार पर किया खैर यदि मामले की जांच होती है तो कड़ी से कड़ी परत-दर-परत खुलती जाएगी और दोषी शीघ्र सलाखों के पीछे होंगे ।Badri lal ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मेरे राशन कार्ड के नाम पर उठाए गए फर्जी राशन की जांच की जाए और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि गरीब का राशन गरीब को समय पर मिल सके और जो गलत तरीके से इसका फायदा उठा रहे हैं उन्हें उन्हें उनके कृत्य की सजा मिले ।

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