मधुमख्खी की तरह जीवन बनाये जो केवल अच्छाई ग्रहण करती है

नेशनल हाईवे नंबर आठ पर मियाला में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के सातवें व अंतिम दिन उत्तम स्वामी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि संतों की प्रशंसा करने से परमात्मा खुश होते हैं। परमात्मा के प्रति समर्पण रखने तथा किसी का अच्छा नहीं कर सकते हो तो बुरा नहीं करने की सलाह दी । समाज में किसी व्यक्ति का प्रतिकार हो रहा हो तो मौन रहकर उसका जवाब दें। स्त्री पर अपना प्रवचन देते हुए कहा कि स्त्री के त्याग से बड़ा त्याग कोई हो नहीं सकता। कन्यादान के प्रति प्रवचन में कहा माता-पिता कन्यादान कर कर मोक्ष के बराबर लाभ उठा सकते हैं। सभी मनुष्यों को मधुमक्खी को अपना गुरु बनाना बनाना चाहिए जो किसी भी तरह बुरे फूलों से मधु रूपी अच्छाई ग्रहण करती है। मनुष्य को प्रशंसा पर नहीं फूलना चाहिए व निंदा करने पर दुखी भी नहीं होना चाहिए । यह स्वार्थ रूपी बीमारी के चलते अपने लोग पराए बन जाते हैं तथा दोस्त-दुश्मन भी समय अनुसार स्वार्थ से बदलते रहते हैं। प्रवचन के दौरान भक्तजनों से एक बुराई को छोड़ने की दीक्षा मांगी और कहा कि मुझे धन-दौलत नहीं आप तो अपनी एक बुराई छोड़कर इस जग में अपना सर्वोच्च त्याग करें। इस मेवाड़ में हर पुरुष महाराणा है तथा हर महिला मीरा है। उत्तम स्वामी महाराज ने कहा कि मैं मठ मंदिरों निर्माण से बढ़कर शिक्षा की आवश्यकता पर बल देता हूं। समाज की दशा एवं दिशा बदलनी चाहिए । यदि एक निराश्रित बालक की शिक्षा का जिम्मा उठा लिया तो तो दस मंदिर बनाने के बराबर लाभ मिलता है।
इस अवसर पर मगरा विकास बोर्ड अध्यक्ष हरि सिंह रावत, राजसमंद जिला प्रमुख प्रवेश कुमार सालवी, भीम प्रधान नरेंद्र बागड़ी, सांगावास मंडल अध्यक्ष नेमीचंद खटीक, आयोजक हीरालाल चंदेल, भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष जयेंद्र सिंह रावत, रावत- राजपूत महिला प्रदेश अध्यक्ष प्यारी कुमारी , बरार सरपंच पंकजासिंह, मगरा विकास मंच अध्यक्ष जसवंत सिंह मंडावर, पटवार संघ जिला अध्यक्ष मिट्ठू सिंह चौहान, भाजपा ओबीसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष लूम्बसिंह रावत, तहसीलदार ईश्वर खटीक, संचालक दिनेश जानी, भंवर सिंह कनियात, हवलदार विरद सिंह, तोलु सिंह आडावाला समेत आसपास क्षेत्रों के हजारों नर-नारी मौजूद थे।

नम आंखों से किया विदा
उत्तम स्वामी महाराज के सात दिवसीय भागवत कथा आयोजन के बाद अगली भागवत कथा अमरावती ( महाराष्ट्र) में होने के कारण मियाला की तपोभूमि से विदा हुए तो हर भक्तजन के आंखों में आंसू आ गए एवं बैंड की सुरिली धुनों पर विदा किया।

50 से अधिक युवक-युवतियों ने ली दीक्षा
उत्तम स्वामी महाराज के सानिध्य में मगरा क्षेत्र व आसपास के 50 से अधिक युवा, बुजुर्गों ने दीक्षा ली। उत्तम स्वामी महाराज ने बताया कि उनके छः लाख से अधिक दीक्षा प्राप्त भक्त है संपूर्ण देश में अस्सी से ज्यादा विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

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