960 कार्मिकों को मतदान प्रशिक्षण

बीकानेर, 26 अक्टूबर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतदान दल कार्मिकों के प्रथम चरण का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा स्लाइड, पॉवर प्वांइट प्रजेंटेशन, ईवीएम व वीवीपैट का प्रदर्शन कर मतदान दलों को मतदान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर वाई वी माथुर ने बताया कि मतदान दलों के बैच बनाकर वीवीपैट व ईवीएम का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्मिकों को ईवीएम व वीवीपैट की सीलिंग तथा पैकिंग समझाई गई। मॉक पोल के दौरान पोलिंग स्टेशन से बाहर की व्यवस्था, सी विजिल ऐप डाउनलोड करने के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण का प्रशिक्षण 27 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत 16 कमरों में बैच बनाकर प्रतिदिन 960 कार्मिकों को चुनाव प्रक्रिया को सुचारू ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर एस एल राठी, विपिन सैनी, समिन्द्र सक्सेना, डॉ गौरव बिस्सा, पवन चोयल द्वारा मतदान से जुड़ी विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी गई और पीठासीन अधिकारियों द्वारा व्यक्त की गई शंकाओं का समाधान किया।
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एनआरसीसी ने बदला सैलानियों के भ्रमण का समय

बीकानेर, 26 अक्टूबर। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र द्वारा सैलानियों के केन्द्र में भ्रमण समय को 29 अक्टूबर से परिवर्तित किया गया है। एनआरसीसी के निदेशक डॉ.एन.वी.पाटिल ने बताया कि केन्द्र द्वारा यह भ्रमण समय मध्यान्ह 12 से सायं 6.30 बजे तक निर्धारित किया गया है ,जबकि टिकट खिड़की सायं 6 बजे तक ही खुली रहेगी।
पाटिल ने बताया कि पर्यटन सीजन एवं इस दौरान सैलानियों की बढ़ती तादाद को ध्यान में रखते हुए भ्रमण-समय को परिवर्तित किया गया है ताकि केन्द्र की ऊँट सम्बद्ध पर्यटन गतिविधियों का वे भरपूर लुत्फ उठा सकें। डॉ.पाटिल ने कहा कि राजकीय पशु (ऊँट) से जुड़ा यह अनुसंधान केन्द्र, अपनी वैश्विक पहचान रखता है तथा इसमें पर्यटन का भी विशेष योगदान है। केन्द्र के परिवर्तित अधिदेशों में उष्ट्र पारिस्थितिकी पर्यटन (इको-टूरिज्म) शामिल होने पर एनआरसीसी इस ओर विशेष रूप से प्रयत्नशील है ताकि अधिकाधिक लोगों का इस पशु के प्रति रूझान उत्पन्न हो। डॉ.पाटिल ने केन्द्र की टूरिज्म गतिविधियों के संबंध में स्पष्ट किया कि इन सब के पीछे हमारा मूल ध्येय उष्ट्र प्रजाति का विकास एवं संरक्षण प्रदान करना है।
केन्द्र की गतिविधियों पर बोलते हुए डॉ.पाटिल ने कहा कि एनआरसीसी की विभिन्न पर्यटन गतिविधियाँ यथा-उष्ट्र संग्रहालय, उष्ट्र सवारी, ऊँट गाड़ी सवारी, उष्ट्र बाड़े, सोविनियर शॉप, सुरमय परिसर आदि के साथ उष्ट्र डेरी एवं इसके मिल्क पार्लर में बिक्री हेतु विकसित उष्ट्र दुग्ध उत्पाद-कुल्फी, सुगन्धित दूध, चाय, कॉफी, लस्सी आदि स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध है।

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