बीकानेर, 22 नवम्बर। जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ.एन.के.गुप्ता ने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार पर कोई आपराधिक मामले या मामला हो तो उसका प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करवाना अनिवार्य होगा।
डाॅ.गुप्ता ने बताया कि उम्मीदवार जिस पार्टी से टिकट ले रहे हैं उसे भी आपराधिक मामलों के बारे में सूचित करना होगा। राजनैतिक दलों को भी उम्मीदवारों से प्राप्त सूचना को अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से दर्शाना होगा। उम्मीदवार पर यदि कोई आपराधिक मामले हो तो इसकी जानकारी प्रिन्ट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में कम से कम 3 बार प्रकाशित और प्रसारित करवानी होगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किसी भी उम्मीदवार पर दोषसिद्ध हो जाए या उसके विरूद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज या लंबित हो, तो उसे ऐसे प्रकरणों की जानकारी तीन अलग-अलग तिथियों में नामांकन वापसी और मतदान तिथि से 2 दिन पूर्व 12 साइज के फाॅन्ट में अपनी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित करवानी होगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह इलेक्ट्रोनिक मीडिया में भी मतदान से 48 घंटे पूर्व तक तीन बार अलग-अलग तिथियों में यह जानकारी प्रसारित करवानी होगी।
रिश्वत या भयभीत करने पर होगी कार्यवाही
जिला निर्वाचन अधिकारी ने निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाताओं से भयमुक्त रह कर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव 2018 में चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को भयभीत करने के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही का प्रावधान है। इस सम्बंध में शिकायत मिलने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 171 बी के तहत जुर्माना व सजा दोंनो का प्रावधान है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं को किसी भी तरह से डराने, धमकाने, भयभीत करने या रिश्वत आदि के माध्यम से प्रभावित करने से जुड़ी शिकायत मिलने की स्थिति में सम्बंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
अनिवार्य होगा पम्फलेट पर मुद्रक, प्रकाशक का नाम, पता
डाॅ गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2018 में राजनीतिक पार्टियों, प्रत्याशियों या उनके समर्थकों द्वारा प्रकाशित करवाए जाने वाले पम्फलेट (पर्चे), पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैण्डबिल प्रकाशित या मुद्रित करवाते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के विभिन्न प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने बताया कि पम्फलेट (पर्चे) और पोस्टर के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पम्पलेट (पर्चे) अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक नहीं कर अथवा करवा सकेगा, जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो द्वारा सत्यापित न करवाया जावे। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी दो प्रतिलिपि देनी होगी। दस्तावेज के प्रकाशन के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने बताया कि पम्फलेट या पोस्टर का तात्पर्य किसी मुद्रित पम्फलेट, हैंडबिल या अन्य दस्तावेज से है जो किसी प्रत्याशी या प्रत्याशियों के समूह निर्वाचन को प्रोत्साहित करते है।
उल्लंघन पर होगी 6 माह की सजा
कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो वह 6 महीने का कारावास अथवा 2 हजार रूपए जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित होगा। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री प्रकाशित करवाई जाती है, तो सम्बन्धित व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही ये राजनैतिक दलों,अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थकों द्वारा निर्वाचन पम्फलेटों (पर्चों), पोस्टरों आदि के मुद्रण और प्रकाशन पर हुए अनाधिकृत व्यय पर रोक लगाने में सहायक होंगे।
तीन दिनों में भेजनी होगी मुद्रित प्रतियां
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेसों को मुद्रण सामग्री मुद्रित होने के तीन दिन के भीतर प्रतियां तथा प्रकाशक से प्राप्त घोषणा पत्र भेजना होगा। यदि इन आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी तथा प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस का प्रतिसंहरण भी किया जा सकेगा। जिला मजिस्ट्रेट को प्रतियां प्राप्त होने के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि प्रकाशक या प्रिंटर द्वारा सभी आदेशों की अनुपालना की है अथवा नहीं। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राजनीति दलों, अभ्यर्थियों और अन्य सम्बन्धित लोगों से इन आदेशों की शत प्रतिशत पालना के निर्देश दिए हैं।
रात 10 बजे से सुबह 10 बजे तक सोशल मीडिया पर नहीं किया जा सकेगा प्रचार
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डाॅ. एन के गुप्ता ने बताया कि धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत आदर्श आचार संहिता के तहत 13 दिसम्बर 2018 तक चुनाव प्रचार के उद्देश्य से टेलीफोन व मोबाईल के माध्यम से रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रचार नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल तथा चुनाव में भाग लेने वाला प्रत्याशी आचार संहिता की पालना के तहत निर्वाचन के प्रचार के उद्देश्य से टेलीफोन व मोबाईल काॅल से अथवा मोबाईल एसएमएस अथवा वाट्सअप व सोशन मीडिया पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रचार सम्बन्धी गतिविधि नहीं कर सकेगा। यदि किसी व्यक्ति,राजनीतिक दल द्वारा ऐसा कृत्य किया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध धारा 144 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
खर्च व्यय पर रहेगी नजर
डाॅ. गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के अभ्यर्थी चुनाव प्रचार पर अधिकतम 28 लाख रूपए व्यय कर सकते हैं। प्रत्याशियों को चुनाव खर्च के लिए नामांकन करने से कम से कम एक दिन पूर्व पृथक से बैंक खाता खोल कर उसका ब्यौरा निर्वाचन विभाग को उपलब्ध करवाना होगा। अभ्यर्थियों को समस्त खर्चे इसी बैंक खाते के माध्यम से किए जाने हांेगे, 20 हजार से अधिक नकद राशि खाते से नहीं निकाली जा सकेगी। अगर इससे अधिक का भुगतान करना हो तो अकांउट पे चैक के माध्यम से किया जाएगा तथा समस्त लेने देने की जानकारी निर्वाचन विभाग में देनी होगी। व्यय सीमा का उल्लंघन नहीं हो इसके लिए कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
निजी सम्पति पर बिना लिखित अनुमति के प्रचार सामग्री न लगाएं
डाॅ. गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के तहत अभ्यर्थी या राजनीतिक दल किसी निजी सम्पत्ति पर अपने बैनर या झंडे लगवा कर चुनाव प्रचार-प्रसार करना चाहते हैं तो इसके लिए सम्बंधित मालिक से लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि मालिक की लिखित स्वीकृति के बाद लगाए जाने वाले बैनर या झंडे के खर्चे सहित पूर्ण विवरण एवं लिखित सहमति की प्रति अभ्यर्थी द्वारा सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी को 3 दिन में प्रस्तुत करनी होगी।
सुविधा पोर्टल से मिलेगी अनुमति-राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान आवश्यक विभिन्न अनुमतियों हेतु निर्वाचन विभाग द्वारा आॅनलाईन सुविधा पोर्टल लांच किया गया है। जिसके द्वारा राजनैतिक दल व उम्मीदवार चुनाव संबंधी सभा, मीटिंग, रैली, अस्थाई चुनाव कार्यालय, लाउडस्पीकर, हेलीकाॅप्टर व हेलीपेड आदि की अनुमति प्राप्त करने के लिए आॅनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। राजनैतिक दल व उम्मीदवार अनुमति प्राप्त करने हेतु मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की वेबसाईट ूूूण्बमवतंरंेजींदण्दपबण्पद पर उपलब्ध सुविधा पोर्टल लिंक द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। विभिन्न अनुमतियों हेतु आवेदन पत्र व पूर्व निर्धारित प्रपत्र पोर्टल पर उपलब्ध करवाये गये हैं। पोर्टल की सहायता से राजनैतिक दल व उम्मीदवार सभा व अन्य कार्य हेतु चाही गई जगह की उपलब्धता ज्ञात कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राजनैतिक दल व उम्मीदवार वांछित अुनमति की अद्यतन स्थिति भी आॅनलाईन प्राप्त कर सकते हैं। सुविधा पोर्टल से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी हेतु कलेक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केंद्र, बीकानेर अथवा दूरभाष संख्या. 0151-2202158 पर संपर्क किया जा सकता है।