संविधान की प्रस्तावना एवं प्रावधानों के बारे में अवगत कराया

राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों के तत्वावधान में आज महाविद्यालय
संविधान दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय संविधान के पंथनिरपेक्षता एवं अनेकता मे एकता विषय पर एक विचार गोष्ठी में वक्ता के रूप में काषी विधापीठ वाराणसी के राजनैतिक विज्ञान के सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ सतीष राय ने संविधान की प्रस्तावना एवं संविधान के प्रावधानों के बारे में स्वयंसेवकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत का संविधान विश्व का सबसे विषाल संविधान है। डॉ राय ने इस संदर्भ में धर्म एवं धर्मनिरपेक्षता एवं पंथनिरपेक्षता के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ राय ने धर्म के बारे में बताया कि धर्म दो प्रकार का होता है एक नैतिक धर्म है जो सभी के एक लिये एक समान है चाहे वो किसी भी समाज से जुडा हो और दूसरा धर्म आस्था से जुडा होता है जो मानव की आध्यात्मीक चेतना से जुडा होता है। उन्होने भारतीय संविधान में पंथनिरपेक्षता शब्दावली पर अपना व्याख्यान देते हुए विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों के बारे में चर्चा की और उन्होंने भारतीय संविधान की तुलना विष्व के दूसरे संविधानों से की।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनन्त जोषी ने अपने स्वागतीय उदबोधन में डॉ सतीष राय के जीवन परिचय के बारे में जानकारी दी एवं स्वयंसेवकों को संविधान के मूलभूत अधिकारों की जानकारी दी और बताया कि हमारा संविधान इतना सषक्त है जिससे प्रत्येक समस्या का समाधान किया जा सकता है। उन्हांेने भारतीय संविधान की विषेषताओं से स्वयंसेवकों को अवगत करवाया । सभी विद्यार्थियों को प्राचार्य डॉ. अनन्त जोषी द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन करवाया गया।
इस अवसर पर रासेयो प्रभारी डॉ. रीतेष व्यास ने मंच संचालन करते हूए भी स्वयंसेवकों को संविधान के मूलभूत अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता श्री सुरेष जी भाटीया ने डॉ सतीष राय का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डॉ. शराफत अली, डॉ. राकेष धवन, प्रीति कोचर, श्री ईषान नारायण पुरोहित, श्री भरत जाजडा, मगन सौलंकी इत्यादि भी उपस्थित थे।

– डॉ. रीतेष व्यास

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