रातई के 14 लोगो को नही मिला मनरेगा में काम

फिरोज़ खान
बारां 2 जनवरी । शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत ढिकवानी के गांव रातई कला के दो मेठ का भुकतान अक्टूबर 2018 से बकाया चल रहा है । इनका भुकतान आजतक भी नही हुआ है । मेठ प्रेम सहरिया व रामसिया ने बताया कि 6 मस्टरोल का भुकतान रुका हुआ है । इन्होंने अक्टूबर 2018 में सिंचाई विभाग द्वारा चलाई गयीं नहरी सफाई कार्य मे रातई तालाब में काम किया था । इसी तरह ललता का 2 मस्टरोल का भुकतान भी नही हुआ है । वही रातई कला के 14 श्रमिक ममता बाई, रूपाराम,अनिता,अनिल,निर्मला, बतिया, सोनू, हल्की, इमरत, सरवन, रामदास, जानकी बाई, राजो बाई ने बताया कि हमे मस्टररोल में काम नही मिल रहा है । हमारे पुराने जॉबकार्ड तो ग्राम पंचायत में जमा करवा लिए और नए जॉबकार्ड जारी कर दिए मगर अभी तक इनको ऑनलाइन नही किया गया है । इस कारण चल रही मस्टररोल में हमारे नाम नही आ रहे है । इसी तरह महोदरा में मनरेगा में 15 दिन की मस्टरोल चली थी जिसमें 141 लोगो को ही काम मिला है । जबकि इस गांव में 753 सहरिया परिवार निवास करते है । इन्होने मनरेगा में काम देने की मांग की है । उन्होंने बताया कि महोदरा में 15 दिन मस्टररोल चलकर बन्द हो गयी ।
इस सम्बंध में मनरेगा सहायक कार्यक्रम अधिकारी महिपाल मीणा ने बताया कि महोदरा में बड़े तालाब की पिचिंग व गहरीकरण कार्य हेतु प्रस्ताव बनाकर भेज रखा है एक दो दिन में स्वीकृत होकर आ जायेगा । वही डिमांड ले रखी है । जल्द ही मनरेगा की मस्टररोल जारी कर दी जावेगी । और जिन लोगो के जॉबकार्ड ऑनलाइन नही हुए है उनको ऑनलाइन करने का कार्य चल रहा है ।

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