फिरोज़ खान
बारां 28 फरवरी । किशनगंज शाहबाद विधानसभा में क्षेत्र को टीएसपी में घोषित करवाने की मांग को लेकर विगत 7 महीनों से चल रहे जन आंदोलन में क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया को इस क्षेत्रीय समस्या को लेकर ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया था । विधायक व मंत्री ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था । कि वह इस क्षेत्र की समस्या को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा करके प्रथम विधानसभा सत्र में क्षेत्र की इस मांग को पुरजोर तरीके से सदन के पटल पर रखेंगे । लेकिन प्रथम सत्र एवं इसके अतिरिक्त अन्य विधानसभा सत्रों में भी क्षेत्रीय विधायक के द्वारा इस मांग को विधानसभा के पटल पर नहीं रखा गया था । इस दौरान संघर्ष समिति के द्वारा किशनगंज उपखंड कार्यालय पर अपनी मांग को लेकर आमरण अनशन किया था । जिसमें प्रभारी मंत्री रमेश चंद्र मीणा ने आश्वासन दिया था कि वह इस समस्या को दूर करने का अथक प्रयास करेंगे । इस आश्वासन पर संघर्ष समिति के हरगोविंद मेहता व राधा किशन मीणा ने अनशन तोड़ा था । लेकिन उनकी तरफ से भी उचित कार्रवाई ना होने पर संघर्ष समिति ने 15 फरवरी 2019 को समिति के अध्यक्ष हरीश सुमन की अध्यक्षता वाली बैठक में 1 मार्च 2019 को संपूर्ण विधानसभा बंद का आह्वान किया । और कहा कि यदि हमारी मांग जल्द से जल्द पूरी नहीं की जाएगी तो आगामी लोकसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और आगामी समय में उग्र आंदोलन क्षेत्र वासियो के द्वारा किया जाएगा ।
1 मार्च बंद को लेकर टीएसपी संघर्ष समिति उपाध्यक्ष इंद्रजीत शाक्यवाल की अगुवाई में पूरे विधानसभा में 15 टीमें का गठन किया गया । जिसमें विधानसभा के प्रत्येक गांव गांव जाकर नुक्कड़ सभाएं आयोजित करके टीएसपी के लाभ बताए जा रहे हैं । और लोगों को इस आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया जा रहा है । इस आंदोलन को क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जा रहा है । इस दौरान संघर्ष समिति को सभी राजनीतिक ,गैर राजनीतिक संगठन, व्यापारी संगठन एवं निजी शिक्षण संस्थानों से समर्थन मिला।
किशनगंज शाहबाद क्षेत्र से टीएसपी का प्रबल दावेदार
किशनगंज शाहबाद क्षेत्र जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है इसी आधार पर इस क्षेत्र को 2004 में राज्य सरकार के द्वारा टीएसपी सूची में शामिल करने का आदेश जारी कर दिया गया था और आरपीएससी की सेकंड ग्रेड भर्ती परीक्षा 2014 में क्षेत्र को टीएसपी सूची में शामिल मानकर क्षेत्र के 42 विद्यार्थियों का चयन भर्ती परीक्षा में हो गया था जीने चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया ।
क्षेत्र की जनजातिय जनसंख्या प्रतिशत टीएसपी में आने वाली छोटी सादड़ी से भी 0.0 8% अधिक होने पर भी इस क्षेत्र को टीएसपी में शामिल नहीं कर रखा है ।
विधायक निर्मला सहरिया ने विधानसभा चुनाव के दौरान दिया था वचन
राज्य के 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला सहरिया ने ‘क्षेत्र को टीएसपी में घोषित करवाना ‘को अपने घोषणापत्र में शामिल किया था और सरकार का गठन होने के बाद संघर्ष समिति के द्वारा 4 जनवरी 2019 को विधायक महोदय को ज्ञापन दिया गया था जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस समस्या का निदान वह जल्द से जल्द करेगी।
टीएसपी सूची में आने से क्षेत्र के सभी वर्गो को फायदा होगा में किसानों को ब्याज मुक्त ऋण ,सिंचाई परियोजना के लिए विशेष बजट ,शिक्षित बेरोजगारों के लिए राज्य सरकार भर्ती परीक्षा में विशेष आरक्षण ,वह अशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के अवसर एवं क्षेत्र में शिक्षा व चिकित्सा व्यवस्था में भी सुधार होगा ।
जल्द हो आयोग का गठन
टीएसपी संघर्ष समिति के मोनू राठौर व नरेश मीणा ने बताया कि 1 मार्च को पूरी विधानसभा शाम तक बंद रहेगी और साथ ही बताया कि कल शाम को इस कस्बे के मुख्य कस्बों से राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन दिया जाएगा जिसमें संघर्ष समिति की मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाय।
1मार्च को बंद सफल बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया जा रहा है जिसमे किशनगंज, भवरगड़, जलवाड़ा, नाहरगढ, केलवाड़ा,समरानीया ,शाहाबाद,देवरी ,कस्बा थाना,रेलावन, रामगढ, कस्बे बंद रखेंगे।।