अकादमी के पूर्व अध्यक्ष नवलराय बच्चाणी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा

जयपुर, 24 मई (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं अजमेर के पूर्व विधायक श्री नवलराय बच्चाणी के 24 मई को प्रातःकाल में अजमेर में आकस्मिक निधन से सिन्धी जगत को अपूर्णनीय क्षति हुई है।
अकादमी सचिव ईश्वर मोरवाणी ने श्री बच्चाणी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुये कहा कि श्री बचानी ने राजस्थान सिन्धी अकादमी के अध्यक्ष के रूप में अकादमी को देशभर में नई उंचाईयां प्रदान की। उन्होंने अकादमी की योजनायें को नई पहल देते हुये राजस्थान में ही नहीं अपितु भारतवर्ष में अकादमी का नाम रोशन किया। सिन्धी भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति एवं सिन्धियत के विकास के लिये उनके द्वारा किये गयेे प्रयासों के लिये उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। सिन्धियत के विकास में उनके योगदान के लिये अकादमी द्वारा उन्हें वर्ष 2006 में ’’साधु टी0एल0वासवाणी’’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
अकादमी कार्यालय में आयोजित श्रद्वांजलि सभा में अकादमी के पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल वाधनाणी, अजमेर के पूर्व संभाग प्रभारी महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, समाजसेवी नवलकिशोर गुरनाणी, हेमनदास मोटवाणी, श्रीमती पूजा चांदवानी, श्रीमती पूनम खानचंदानी, श्री दिपेश सामनाणी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उन्हें सिन्धी समाज का एक महान संत बताया। अपने-अपने विचार रखते हुये उन्होंने कहा कि 93 वर्ष की आयु में भी वे सिन्धियत के प्रति जीवन पर्यन्त इतने समर्पित थे कि सिन्धी समाज एवं अकादमी द्वारा संचालित अनेकों सिन्धी भाषा सिखाने के शिविरों में उन्होंने अध्यापन कार्य करवाया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ अकादमी के सचिव व स्टाफगण भी उपस्थित थे।
अकादमी कार्यालय में दी गई शोकाभिव्यक्ति में श्री बच्चाणी को दो मिनिट की मौन श्रद्धाजंलि अर्पित की गई तथा परमपिता परमात्मा से उनकी आत्मा की शान्ति के लिये प्रार्थना की गई।

Leave a Comment

error: Content is protected !!