एक करोड़ की सीमा से नीचे हैं चलने योग्य नहीं

कमिश्नर सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स एंड कमर्शियल एक्साइज द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए खंडपीठ के न्यायाधीश श्री एस रविंद्र भट्ट  व न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता ने यह व्यवस्था दी है कि उच्च न्यायालय के समक्ष केंद्र सरकार के द्वारा दायर अपील जोकि एक करोड़ की सीमा से नीचे हैं वह चलने योग्य नहीं है उल्लेखनीय है कि उक्त डिपार्टमेंट  ने मैसेज विवेक फार्माटेक इंडिया लिमिटेड के विरुद्ध अपील प्रस्तुत कर निवेदन किया कि कस्टम एक्साइज एंड सर्विस टैक्स टैक्स अधिकरण का फैसला गलत है क्योंकि कमीशन के आधार पर बिक्री पर चुकता सर्विस टैक्स चुकता करने पर सेनवैट क्रेडिट रूल्स के तहत  इनपुट क्रेडिट का इस्तेमाल उक्त संस्थान नहीं कर सकता क्योंकि नियमों के अनुसार केवल उसी खर्च की इनपुट क्रेडिट मिल सकती है जोकि माल क्रेता तक पहुंचाने तक खर्च होता है जबकि कमीशन बिक्री के पश्चात दिया जाता है मैसेज विवेक फार्माटेक इंडिया लिमिटेड की तरफ से  अधिवक्ता डी पी शर्मा व हिना शर्मा द्वारा तर्क दिया गया कि उक्त नियमों के तहत इनपुट क्रेडिट दी जानी चाहिएक्योंकि भारत सरकार ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया जा चुका है तथा यह भी तर्क दिया कि भारत सरकार द्वारा निर्देश दिनांक 22 अगस्त 2019 के तहत केवल वही अकेले चलने योग्य हैं जिनमें टेक्स की सीमा एक करोड़ थी कम है क्योंकि उक्त मामला करीब 7,00,000 से संबंधित हैं   मामला चलने योग्य नहीं है तथा यह भी तर्क दिया कि उक्त सर्कुलर में कुछ अपवाद भी दे रखे हैं जिनके तहत यदि किसी कानून की वैधानिकता को चुनौती दी गई है तथा किसी नोटिफिकेशन आदेश या सर्कुलर को विधि विरुद्ध घोषित किया हो ऐसी प्रस्तुतियां भी इस केस में लागू नहीं है इस कारण से भी अपील चलने योग्य नहीं है

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