पीने के पानी की नही है व्यवस्था
फ़िरोज़ खान
बारां 24 दिसम्बर । राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेमरा में अध्ययनरत बालक बालिकाओं के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । प्रधानाध्यापक सियाराम सहरिया व गोम्सता सरकार ने बताया कि विद्यालय में रसोई घर, चार दिवारी, शौचालय, बिजली की कोई व्यवस्था नही है । विद्यालय में मात्र दो कमरे व प्रधानाध्यापक कक्ष है । मगर यह भी बरसात टपकते है । इस कारण बैठने के लिए जगह भी नही रहती है । बारिश का पानी टपकने से बच्चों को बैठने के लिए जगह भी नही है । लम्बे समय से भवन की मरम्मत भी नही हुई है । इस विद्यालय में दो बस्तियों के बच्चे पढ़ने आते है । विद्यालय में 47 बच्चो का नामांकन है । वही पास में ही मा बाड़ी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है । उसके बाद बच्चो को पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही है । विद्यालय के बच्चे घरो से पीने का पानी लाते है । चार दिवारी व रसोई घर का अभाव है । इस कारण खुले में ही बच्चों के लिए पोषाहार बनाना मजबूरी है । चार दिवारी नही होने के कारण जानवर विचरण करते रहते है । विद्यालय में लाखों रुपए की लागत टांके का निर्माण करवाया गया था जो बेकार पड़ा हुआ है । वही गांव में लगे सभी हैंडपंप व टयूबवेल तथा पानी की टंकी बेकार पड़े हुई है । ग्रामवासियों ने बताया कि डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय कर खेतो में लगी निजी टयूबवेल से पीने का पानी लाना पड़ता है । ग्रामवासियो ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत को अवगत करा दिया उसके बाद भी पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही हुई है । इस गांव में करीब 40-50 सहरिया परिवार निवास करते है । इन सहरिया परिवारों के पास लम्बे समय से पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही है । जाग्रत महिला संगठन की महिला कार्यकर्ता शकुंतला बाई, मोहनी बाई, भगवान दे ने बताया कि पूर्व में भी ग्राम पंचायत को अवगत कराया गया था उसके बाद भी अभी तक पेयजल की कोई व्यवस्था नही हुई है । उन्होंने कहा कि जल्द ही सेमरा में पानी की व्यवस्था नही हुई तो ग्राम पंचायत पर प्रदर्शन किया जावेगा ।