पीएम व सीएम की अपील से प्रभावित होकर आगे आ रहे हैं जैसलमेर के भामाशाह,

उदारतापूर्वक दे रहे हैं आर्थिक योगदान
जैसलमेर, 31 मार्च/प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री अशोक
गहलोत की अपील से प्रभावित होकर कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के मौजूदा
अनथक प्रयासों तथा लॉक डाउन से प्रभावितों को राहत में जैसलमेर जिले के
भामाशाह लगातार आगे आकर आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। जैसलमेरवासियों
ने दिखा दिया है कि आपदा की घड़ी में पीछे नहीं रहने वाले।

पूर्व सैनिकों की संस्था ने भिजवाया 1 लाख 1 हजार का चैक

जैसलमेर जिला पूर्व सैनिक संस्था, जैसलमेर के वरिष्ठ पूर्व सैनिक
कर्नल(रिटायर्ड) भीमसिंह, अध्यक्ष नायक सगतसिंह एवं सचिव दफेदार
तुलसीसिंह भाटी की मौजूदगी में संस्था की ओर से एक लाख एक हजार रुपए का
चैक कोरोना -19 -प्रधानमंत्री राहत कोष को भिजवाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा,
जैसलमेर में मंगलवार को जमा करवाया।

आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से 42 हजार 500 रुपए का योगदान

आर्ट ऑफ लिविंग परिवार जैसलमेर की ओर से ग्रुप की जिला समन्वयक अंजु गर्ग
ने लॉक डाउन के अन्तर्गत दैनिक आजीविका पर निर्भर लोगों की सहायता के लिए
श्रीश्री रविशंकर के आह्वान पर जैसलमेर में संग्रहित 42 हजार 500 रुपए
आर्थिक सहायता राशि का चैक जिला कलक्टर को सौंपा।

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केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सख्त निर्देश,

लॉक डाउन के दौरान आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध, न कोई जिले की सीमा से
बाहर जा सकता है, न अन्दर आ सकता है, जो जहाँ हैं, वहीं रहें, इनके लिए
सरकार सारे इंतजाम कर रही है

जैसलमेर, 31 मार्च/ केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस संक्रमण से
देश को बचाने तथा इसकी रोकथाम के लिए देश भर में प्रवासी श्रमिकों के
आवागमन पर सख्ती से पाबन्दी लगा रखी है और इस आशय के निर्देश दिए हैं कि
लॉक डाउन के अन्तर्गत आपदा प्रबन्धन से संबंधित उन सभी आदेशों का कड़ाई से
पालन करवाया जाए जिनमें स्पष्ट किया गया है कि लॉक डाउन के दौरान जिलों
और राज्यों की सीमाओं से न कोई बाहर जा सकता है, और न ही कोई अन्दर आ
सकता है। जो जहाँ हैं वहीं रहें और लॉक डाउन के नियमों, निर्देशों और
आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

खासकर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के अपने गृह जिलों व राज्यों में
पहुंचने की स्थितियों के मद्देनज़र राज्य सरकारों से कहा गया है कि जिला
प्रशासनों से इन आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करवाई जाए। इस बारे
में गृह मंत्रालय ने 29 मार्च को जारी आदेशों के साथ ही 24, 25 एवं 27
मार्च को जारी पूर्ववर्ती आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट आदेश दिए हैं
कि आपदा प्रबन्धन एक्ट के अनुसार देश भर में लॉक डाउन की पूरी-पूरी पालना
कराई जाए।

आदेश में साफ कहा गया है कि देश में बड़ी संख्या में प्रवासियों का उनके
गृह जिलों व राज्यों में पहुंचने के लिए आवागमन की स्थिति का दिखना लोक
डाउन के निर्धारित मानदण्डों और सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखने के आदेशों
का खुला उल्लंघन है।

यह आदेश दिए गए हैं कि वर्तमान हालातों से निपटने के लिए देश भर में लॉक
डाउन की प्रभावी अनुपालना की जानी चाहिए। गृह सचिव के आदेश में कहा गया
है कि प्रवासी श्रमिकों की आर्थिक व अन्य कठिनाइयों को देखते हुए स्पष्ट
निर्देश दिए गए हैं कि देश भर सभी जगह राज्य सरकारें सभी तरह के ठोस कदम
उठाएं। इन गरीब और जरूरतमन्दों तथा प्रवासी श्रमिकों का प्रवास पूरी तरह
प्रतिबंधित किया जाए। जहां हैं, वहीं रोक लिया जाए और उपयुक्त मेडिकल
स्क्रीनिंग करने के बाद उनके लिए वहीं पर उपयुक्त अस्थायी आश्रय गृह
बनाकर उनके लिए भोजनादि की समुचित सुविधा मुहैया कराई जाए। इन्हें कम से
कम 14 दिन के लिए चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार क्वारेंटाईन सुविधा में
रखा जाना सुनिश्चित किया जाए।

आदेश में कहा गया है कि उद्योगों, व्यवसायों, वाणिज्यिक संस्थाओं आदि से
जुड़े श्रमिकों/कामगारों को लॉक डाउन अवधि का पूरा भुगतान बिना किसी कटौती
के सुनिश्चित किया जाए।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा है कि इन आदेशों की
कठोरता से पूरी-पूरी पालना सुनिश्चित करवाई जाए। इसके लिए जिला कलक्टर
एवं पुलिस अधिकारी को उत्तरदायी बनाया गया है।

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– केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने की आम जन से अपील –

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन का पूरा-पूरा पालन करें,

आम जन धैर्य और संयम रखे,

सरकार हर परिस्थिति में साथ है,

राहत के लिए चौतरफा प्रयासों में कहीं कोई कमी नहीं

जैसलमेर, 31 मार्च/अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण मंत्री
शाले मोहम्मद ने कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए उठाए
जा रहे सभी ऎहतियाती कदमों और लॉक डाउन में हरसंभव सहयोग की अपील आम जन
से की है और कहा है कि आपदा की इस घड़ी में पूरे धैर्य और संयम के साथ
रहें तथा प्रशासन एवं सरकार के उपायों में सहभागिता निभाएं।केबिनेट
मंत्री शाले मोहम्मद ने जनता के नाम जारी अपील में कहा है कि संकट की इस
घड़ी में लोग एकान्त में जरूर हैं लेकिन अकेले नहीं हैं, सरकार हर वक्त
उनके साथ खड़ी है और उनकी सुख-सुविधाओं का पूरा-पूरा ख्याल रखने के लिए जी
जान से सभी लोग जुटे हुए हैं।

उन्होंने विभिन्न प्रबन्धों के लिए प्रशासन और पुलिस की सराहना की और कहा
कि मुख्यमंत्रीजी एवं पूरी सरकार आम जन को इस संकट से उबारने के लिए
चौतरफा प्रयासों में जुटे हुए हैं लेकिन तब तक हम सभी को धैर्य व संयम के
साथ रहने और लॉक डाउन का पूरा-पूरा स्वैच्छिक पालन करने की जरूरत है।
इसलिए 14 अप्रेल तक लॉक डाउन के प्रति गंभीर रहें ताकि अपने घर-परिवार,
राजस्थान और देश को इस वायरस के संक्रमण से बचाकर सुरक्षित रह सकें।
केबिनेट मंत्री ने कहा कि इस आपदा से प्रभावितों के ठहरने, भोजन आदि की
व्यवस्था के लिए व्यापक स्तर पर सरकार राहत के प्रयास कर रही है, इनका
उपयोग करें।

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जैसलमेर शहर में लॉक डाउन की स्थिति में 12 ऑटो रिक्शों की व्यवस्था, अनुमति जारी

अति आवश्यक सेवाओं के परिवहन के लिए उपयोग लिया जा सकेगा

जैसलमेर, 31 मार्च/जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशों की पालना में
जिला परिवहन कार्यालय जैसलमेर द्वारा लॉक डाउन की स्थिति में अति आवश्यक
सेवाओं के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर जैसलमेर
शहर में 12 ऑटो रिक्शा के सुचारु प्रबंधन की व्यवस्था की गई है ताकि
आवश्यक सेवाओं के लिए अनुबंध किए गए इन ऑटो रिक्शा से जरूरतमंद व्यक्ति
परिवहन कर सके।

जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम पूनड़ ने एक आदेश जारी कर हनुमान चौराहा पर
3, राजकीय अस्पताल, गांधी कॉलोनी, गोपा चौक व गड़ीसर चौराहा पर 2-2 ऑटो
रिक्शा वाहनों के संचालन की अनुमति प्रदान की है। इन ऑटो रिक्शा का
संचालन नगर परिषद क्षेत्र जैसलमेर में ही किया जाएगा एवं इन्हें 14
अप्रैल तक के लिए परमिट जारी किया गया है।
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जैसलमेर में कोरोना बचाव में कोरोन्टाईन व आईसोलशन उपयोग के लिए

4 निजी अस्पताल आरक्षित,,जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने जारी किए आदेश

जैसलमेर, 31 मार्च/जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने एक
आदेश जारी कर कोरोना वायरस के बचाव व उपचार तथा आईसोलेशन व कोरोन्टाईन
केन्द्रों के रूप में उपयोग किए जाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन
अधिनियम व राजस्थान एपीडेमिक डीजीजेज एक्ट के तहत जैसलमेर शहर में
संचालित निजी अस्पतालों के भवनों को आरक्षित किया है।

जिला कलक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जैसलमेर शहर में संचालित निजी
चिकित्सालय माहेश्वरी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, न्यू राजस्थान
हॉस्पिटल एवं फर्टीलिटी सेन्टर, गोल्डन सिटी हॉस्पिटल व आर.एल. मेमोरियल
हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर जैसलमेर को आरक्षित किया गया है। इसमें
माहेश्वरी हॉस्पिटल में 50, न्यू राजस्थान हॉस्पिटल एवं फर्टीलिटी सेन्टर
व आर.एल. मेमोरियल हॉस्पिटल में 25-25 तथा गोल्डन सिटी हॉस्पिटल में 30
बेड्स् की व्यवस्था है।आदेश के अनुसार ये निजी चिकित्सालय जिला प्रशासन
की मांग पर 2 घण्टों के अन्दर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,
उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को सौंप देंगे।

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ग्राम पंचायत रामदेवरा के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों को किया अधिग्रहित

जैसलमेर, 31 मार्च/जिला कलक्टर नमित मेहता के आदेशों की पालना में पोकरण
उपखण्ड मजिस्ट्रेट अजय ने ग्राम पंचायत रामदेवरा क्षेत्र की समस्त राजकीय
/निजी(प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व मदरसा)
विद्यालयों को कोविड़-19 की परिस्थितियों के मद्देनज़र अधिग्रहित किया है।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विद्यालयों में कार्यरत समस्त स्टॉफ को
आगामी आदेश तक अपने-अपने विद्यालय में उपस्थित रहने के लिए पाबंद भी किया
है।
उपखण्ड मजिस्टे्रट अजय ने प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
रामदेवरा को इस बारे में निर्देशित किया है। समस्त विद्यालयों एवं उनके
स्टॉफ के प्रभारी के रूप में उगमसिंह प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक
विद्यालय को नियुक्त किया गया है।

प्रवासी श्रमिकों से अपील

जहाँ हैं वहीं रहें, प्रशासन उनकी सभी व्यवस्थाओं के लिए है तत्पर

जैसलमेर, 31 मार्च/जिला कलक्टर नमित मेहता ने जिले भर में लॉक डाउन व
सीमाओं के सील होने की स्थिति में प्रवासी श्रमिकों से अपील की है कि वे
जहाँ हैं, वहीं रहें, आवागमन न करें।

जिला कलक्टर ने बताया कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के
आदेशों के अनुसार सभी तरफ जिलों और राज्यों की सीमाएं सील हैं और ऎसे में
आवागमन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रवासी श्रमिकों के
ठहरने के लिए सभी प्रकार के इंतजाम जिला प्रशासन द्वारा किए हुए हैं।
प्रवासी श्रमिकों, गरीबों और जरूरतमन्दों के लिए आश्रय स्थल स्थापित किए
गए हैं जिनमें भोजनादि सुविधाओं का माकूल प्रबन्ध सुनिश्चित है।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रवासी श्रमिक जिन गृह जिलों और राज्यों
में जाने के इच्छुक हैं वहां भी लॉक डाउन की वजह से सभी सीमाएं सील हैं।
इसलिए आवागमन का इरादा त्यागकर यहीं रहें। जैसे ही लॉक डाउन की स्थितियां
समाप्त होंगी, उन्हें गंतव्य स्थलों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था की
जाएगी। लेकिन तब तक वे आवागमन का इरादा त्यागकर जहां हैं , वहीं बने
रहें। उन्होंने इन प्रवासी श्रमिकों से कहा है कि वे जहां खेतों में काम
कर रहे हैं वहीं खेतों में ही रहें, शहरों और कस्बों की तरफ रूख न
करें।किसी भी प्रकार की जरूरत के लिए जिले में 24 घण्टे संचालित नियंत्रण
कक्षों से सम्पर्क किया जा सकता है।

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