10 साल से कम उम्र वाले बच्चो ने कविता और नृत्य के माध्यम से सिंधी बोली संस्कृति और भाषा के संरक्षण संवर्धन के साथ-साथ सिंधी बोली बोलने और उसकी अहमियत के बारे में बड़े बूढ़ों को सीख और समझाइश दी , जिसमें विवान, कृष्णा, उमंग, लक्षिता ने कविता और कुंजल , भूवि, चित्रांकशी गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। सदस्यों द्वारा,श्री लालचंद मोटवानी ,श्री अमूल आहूजा ने कविता और श्रीमती ऋतु ,नंदिनी,ज्योति, रीनी, कविता आहूजा द्वारा गीत प्रस्तुतीकरण से समा बांधा । डाॅ लाल थदानी द्वारा नारी के वर्तमान हालत पर स्वरचित गीत के माध्यम से संवेदना व्यक्त कर, सोचने को मजबूर कर दिया । माहौल को हल्का करने के लिए अध्यक्ष कमल वरदानी जी , गुल माखीजानी भाऊ और परमानंद प्यासी द्वारा जोक्स सुनाए । फिर सभी सदस्यों को दो टीमों मूमल राणों में बांट कर सिंधी गीत और लाडे का आनंद अंताक्षरी द्वारा लिया गया, कार्य क्रम का संचालन आयो जिका अनीता शिवनानी राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष द्वारा किया गया, एवम् मुकेश सचदेव महासचिव राष्ट्रीय सिंधी समाज द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया ।
कमल वरदानी अध्यक्ष
+919414157895
मुकेश सचदेव महासचिव
+919302103617
डॉ लाल थदानी महासचिव
+918005529714