राष्ट्रीय समसामयिक लघु चित्रण कार्यशाला में वर्ष 2021 के कलेंडर के लिए 24 कलाकृति चयनित हुई

जयपुर की चित्रकार विनीता शर्मा की कलाकृति भी वर्ष 2021 के कैलेंडर के लिए चयनित हुई।

20 दिसंबर, जयपुर। राज्य की कला जगत की प्रतिष्ठित संस्था कलावृत्त, जयपुर द्वारा राजस्थान ललित कला अकादमी के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला में जयपुर की चित्रकार विनीता शर्मा ने भी भाग लिया था।

इस कार्यशाला में श्रेष्ठतम पांच कलाकृतियों की राज्य के विख्यात चित्रकारों पद्मश्री रामगोपाल विजयवर्गीय, पद्मश्री कृपाल सिंह शेखवात, पी. एन. चोयल, देवकीनन्दन शर्मा एवं वेदपाल शर्मा “बन्नुजी” के नामों से सृजित सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। साथ ही सभी कलाकारों की सहभागिता को यादगार बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2021 का कलेंडर भी बनवाया गया और इसके लिए 140 में से 24 कलाकृतियों का चयन समिति के द्वारा चयनित किया गया था। इस 24 चयनित कलाकृतियों में विनीता शर्मा की कलाकृति का चयन हुआ है।

चित्रकार विनीता ने बताया कि मेरे चित्र का शीर्षक “मनस्वी” है, जिसमें मैनें नारी की स्थिति का वर्णन करते हुए यह दर्शाया है कि समाज कितना भी क्यों ना बदल जाए लेकिन नारी के प्रति समाज के विचारों में बदलाव नही आता। नारी की स्थिति हमेशा एक सी ही रहती है और नारी जो की एक सृष्टि की रचयिता है या यूं कहें नारी स्वयं एक सृष्टि है, वह कैसी-कैसी परिस्थितियों में अपने घर और अपने लिए जीती हैं और इन दोनों के बीच सामंजस्य बिठाती है और कैसे अपने सपने पूरे करती हैं।

मैनें अपने चित्र में ये दिखाने का प्रयास किया है कि एक तरफ तो घर की जिम्मेदारियां हैं जो कि एक बिना सलाखों का कैदखाना है और दूसरी तरफ कितनी बंदिशें और तकलीफ क्यों ना हो फिर भी वो वक्त निकालकर वह अपने लिए जीती है। इसी सामंजस्य के साथ वह अपने घर को स्वर्ग बनाती हैं और अपने मन की उड़ान भरकर कामयाबी हासिल करती है और तभी वह एक मनस्वी कहलाती हैं। इस चित्र को बनाने में मैनें पारंपरिक चित्रण तकनीक और कंटेम्परेरी दोनो कला विधाओं का सामंजस्य करते हुए नया प्रयोग करना मेरे लिये बहुत नया और रोमांचकारी अनुभव रहा है।

कलावृत्त कर अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि इस कार्यशाला से युवा कलाकारों विशेष रूप से पारंपरिक चित्रण तकनीक से अपना स्वयं का सृजन करने से इस कला में एक नई कल्पना और नई तकनीक से चित्रण करने का मार्ग प्रशस्त होगा और इस प्रकार दो अलग-अलग विधाओं के प्रयोग से सभी पारंपरिक लघु चित्रण करने वाले कलाकारो को निश्चित ही एक नई दिशा मिलेगी।

संदीप सुमहेन्द्र
अध्यक्ष, कलावृत्त
9829437374

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