पाक विस्थापितों के चेहरे खिले, जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने वादा निभाया

पाक विस्थापितों का हुआ वेक्सीनेसन

चन्दन सिंह भाटी / जेसलमेर पाकिस्तान से भारत आये विस्थापितों को पहचान पत्र के अभाव में करोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए किये जा रहे वेक्सीनेसन से वंचित रखा जा रहा था।।पाक विस्थापितों के टीकाकरण में दस्तावेजों में छूट को लेकर सर्व प्रथम मामला प्रमुखता से उठाया था।इसके पश्चात जेसलमेर जिला कलेक्टर आशीष मोदी पाक विस्थापितों के वेक्सीनेसन के समर्थन में आगे आये उंन्होने सरकार से मार्ग दर्शन मांगा साथ ही वादा किया कि वो पाक विस्थापितों के वेक्सीनेसन करवाएंगे। उंन्होने प्रशासनिक अधिकारियों को पाक विस्थापितों के परिवारों का व्यापक सर्वे कर सूची बनाकर पेश करने के निर्देश दिए। तीन दिन में अधिकारियों द्वारा पाक विस्थापित परिवारों का सर्वे कर सूची को सत्यापन के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया। सत्यापन के पश्चात जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने ऑर सी एच ओ डॉ कुणाल साहू को शुक्रवार को किसान भवन में विशेष शिविर लगाकर वेक्सीनेसन करने के निर्देश दिया।।शुक्रवार प्रातः नो बजे किसान भवन में विशेष शिविर लगाया गया। जहां पाक विस्थापित संघ अध्यक्ष नाथूराम भील की उपस्थिति में शिविर में पासपोर्ट के आधार पर वेक्सीनेसन शुरू किया।।टीकाकरण से पाक विस्थापितों के चेहरे खुशी से खिल उठे।विस्थापितों से किया वादा निभाने वाले जिला कलेक्टर आशीष मोदी खुद इस सुखद पल के गवाह बने।।सभापति हरिवल्लभ कल्ला ,आयुक्त शशिकांत शर्मा के साथ किसान भवन पहुंचे तथा पाक विस्थापितों की खुशियों में शामिल हुए।मोदी ने पाक विस्थापितों के दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया।।उंन्होने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार पाक विस्थापितों के वेक्सीनेसन का निर्णय लिया था जिसे आज पूरा किया।।उंन्होने कहा कि वेक्सीनेसन कितना महत्वपूर्ण है यह पाक विस्थापितों के खिले चेहरे बता रहे है।टीकाकरण शिविर पर नगर परिषद जैसलमेर द्वारा उनके लिए छाया-पानी की व्यवस्था की गई, वहीं सीआईडीबीआई के सुरक्षाकर्मी उनके पहचानकर्ता के रूप में कार्य कर रहे थे।पाक विस्थापितों के लिए आयोजित हुआ कोविड टीकाकरण कार्यक्रम उत्साहजनक दिखाई दिया एवं वहां पर लोगों में एक उत्सव का माहौल दिखा। यहां पर 18 प्लस एवं 45 प्लस आयु वर्ग के पुरूष एवं महिलाएं अच्छी संख्या में उपस्थित हुई एवं अपनी बारी के अनुरूप कोरोना के टीके लगवा रहे थे।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दूओं और इनकी बच्चियों के प्रताड़ना के कारण वहां से हिन्दू भारत आ जाते है और यही बस जाते हैं। काफी लोगों भारतीय नागरिकता मिल गई थी लेकिन ऐसे भी पाक विस्थापित है जिनको नागरिकता नहीं मिली हैं। इनको भारतीय नागरिकता नहींं मिलने के कारण मूलभूत सुविधाओं के साथ कोरोना के टीके से भी वंचित थे। किसान भवन में कैंप लगाकर 45 आयु वर्ग से ऊपर के लोगों का वैक्सीनेशन किया गया। वैक्सीनेशन के बाद इन चेहरों पर एक अलग ही खुशी नजर आई आ रही थी। पाक विस्थापितों का कहना है कि टीका लगने के बाद हमें अब लगने लगा है कि अब भारतीय हैं।

पाक विस्थापित तगाराम का कहना है कि हम लोग 2013 में भारत आ गए थे लेकिन नागरिकता की फाइल लगा रखी है लेकिन नागरिकता नहीं मिली हैं। नागरिकता नहीं मिलने के कारण कोरोना का टीका नहीं लग रहा है लेकिन आज जिला कलेक्टर आशीष मोदी के प्रयासों से प्रशासन ने कैंप लगातार पासपोर्ट के आधार पर टीके लगाए हैं। कोरोना वैक्सीनेशन होने से बहुत ही खुशी है।
पाक विस्थापित अध्यक्ष संघ के अध्यक्ष नाथूराम भील का कहना है कि आज पाक विस्थापितों के लिए जो वैक्सीनेशन का कैंप हो रहा है देश का पहला कैंप है। मैं सरकार और जिला कलेक्टर मोदी जी को धन्यवाद दूंगा कि वैक्सीनेशन का कैंप करवाकर पाक विस्थापितों को राहत दी। पाक विस्थापितों में खुशी की लहर हैं क्योंकि दवाई को लेकर इनके साथ भेदभाव हो रहा था वो कैँप में टीके लगने से खत्म हो गया।

आर सी एच ओ डॉ कुणाल साहू के मुताबिक पाकिस्तान से लोग यहां भारत आकर जो बसे गए है इनके लिए विशेष कोरोना वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया है। इनका वैक्सीनेशन पासपोर्ट के आधार पर किया जा रहा हैं। 45 आयु से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है इसलिए इनका पासपोर्ट के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा हैं। आमतौर पर टीकाकरण आधार कार्ड, वोटरकार्ड, पेन कार्ड और पासपोर्ट के आधार पर किया जाता हैं।

नागरिकता के लिए करे आॅनलाईन आवेदन

उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पाक विस्थापितों से बातचित की एवं उनसे यह भी जाना की वे भारत में कब आए हैं। उन्होंने ऐसे पाक विस्थापित जिनकों आए हुए 7 साल हो गए हैं, उन लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आॅनलाईन आवेदन करने को कहा ताकि नागरिकता की प्रक्रिया चालू हो सके। उन्होंने आयुक्त नगर परिषद को मौके पर ही निर्देश दिए कि वे केम्प स्थल पर ई-मित्र संचालक को बैठाकर ऐसे पात्र पाक विस्थापितों के आॅनलाईन आवेदन पत्र भरवाने के निर्देश दिए, वहीं सीआईडीबीआई के अधिकारियों को इस कार्य में पूरा सहयोग करने को कहा।

फोटो pakvisth

error: Content is protected !!