जीएसटी रिकवरी पर रोक लगाते हुए मामले को निस्तारित कर प्रार्थी फॉर्म को निर्देशित किया कि वह जीएसटी अधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर अधिकरण में अपील प्रस्तुत करें उल्लेखनीय है कि नाइस टेलीकम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपने अधिवक्ता डीपी शर्मा के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका प्रस्तुत कर अपीली अधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए रिट याचिका प्रस्तुत की रिकवरी राशि पर रोक लगाने का निवेदन किया और तर्क दिया कि जीएसटी अधिनियम 2017 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया परंतु आज दिनांक तक जीएसटी अधिकरणका गठन नहीं हुआ तथा जीएसटी अधिकारी बकाया राशि वसूल करने परआमादा है तथा वैकल्पिक उपचार नहीं है ऐसे में का प्रस्तुत रिट याचिका प्रस्तुत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है मामले की सुनवाई के पश्चात उच्च न्यायालय की खंडपीठ के न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश भुवन गोयल ने रिकवरी राशि पर रोक लगाते हुए मामले को निस्तारित कर दिया तथा प्रार्थी को स्वतंत्रता दी और निर्देश दिया जीएसटी अधिकरण के गठन के तीन माह के भीतर जीएसटी अधिकरण के समक्ष अपील प्रस्तुत करें तब तक धारा112 (8) की पालना करने पर रिकवरी राशि पर रोक जारी रहेगी