जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि शिक्षा में गुणवत्ता काफी अहमियत रखती है और हमारे सामने यह बड़ी चुनौती है कि आने वाले समय में विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय तैयार हो सकें और उनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।
गहलोत रविवार को यहां जयपुर के निकट दहमीकलां में मणिपाल यूनिवर्सिटी के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर विधिवत रूप से यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के समय प्रदेश में कोई भी विश्वविद्यालय नहीं था और सामान्य शिक्षा के केवल 7 कॉलेज थे। प्रदेश में 22 विश्वविद्यालय सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं जबकि निजी क्षेत्र में 33 विश्वविद्यालय खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थान खुल गए हैं जिनमें एम्स, आई.आई.टी., राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, आई.आई.एम., केन्द्रीय विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं। राज्य सरकार ने जोबनेर में कृषि विश्वविद्यालय सहित सरकार द्वारा वित्त पोषित 9 विश्वविद्यालय खोलने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि जिस राजस्थान ने आजादी के बाद करीब 55 साल सूखे व अकाल का सामना किया है उसकी तकदीर अब बदल रही है। अगले 10-15 सालों में रेगिस्तानी इलाके वाले प्रदेश की अलग पहचान एक विकसित राज्य के रूप में होगी। उन्होंने कहा कि योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने भी राजस्थान की तारीफ करते हुए इसे उन्नति के पथ पर अग्रसर बताया है। यहां तेल व गैस निकल रही है जिसकी हिस्सेदारी देश के कुल तेल उत्पादन में 20 फीसदी तक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाड़मेर जिले में स्थापित होने जा रही रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स से प्रदेश की तस्वीर बदल जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के बाद यह दूसरा बड़ा फैसला प्रदेश के हित में हुआ है जिस पर शुरूआत में करीब 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा और गैस व पेट्रोलियम उत्पादों पर आधारित कई उद्योग स्थापित होंगे जिससे प्रदेश का विकास तेजी से होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान संभावनाओं के प्रदेश के रूप में उभर रहा है। दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर तथा फ्रेट कॉरिडोर के यहां से गुजरने के कारण आने वाले समय में यहां विकास की अलग संभावनाएं बनी हैं। यहां जापानी एवं कोरियाई जोन स्थापित हो गए हैं और बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। भीलवाड़ा में स्टील कारखाना स्थापित करने के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सोलर ग्रेविटी सबसे ज्यादा होने की वजह से सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता पूरे देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के बाद से विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर निःशुल्क जांच योजना लागू की गई है जो बीपीएल एवं एपीएल सहित हर वर्ग को चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध करायेगी।
उन्होंने कहा कि मणिपाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की स्थापना जिस भावना के साथ स्व. डॉ. टी.एम.ए. पई ने की थी उसी के अनुरूप यह समूह शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मणिपाल समूह ने चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान को चुना यह खुशी की बात है। आने वाले कुछ समय में समूह प्रदेश में छह अथवा सात जगह पर अस्पताल खोलने जा रहा है जिसका फायदा प्रदेश को मिलेगा।
गहलोत ने कहा कि मणिपाल समूह कर्नाटक से संबंध रखता है जिसके राजस्थान से अलग संबंध रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल बनेगा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अलग स्थान कायम होगा।
उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मणिपाल समूह ने मणिपाल एवं सिक्किम के बाद जयपुर को चुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे समूह को राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।
गहलोत ने विश्वविद्यालय से गुजर रही हाईटेंशन लाइन हटवाने की विश्वविद्यालय की मांग पर कहा कि इसे हटाने के बिजली कंपनियों को निर्देश दिये जायेंगे और इसका खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी।
कार्यक्रम में केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि देश में करीब आधी जनसंख्या 25 वर्ष तक की आयु वालों की है। आधा मुल्क स्कूल, कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी में है और जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही दिशा दी जाए ताकि उपलब्ध मानव संसाधन का सदुपयोग हो सके और मुल्क तरक्की की राह पर आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया है जिसके तहत स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं में उपलब्ध सीटों का 25 प्रतिशत कोटा इन वर्गों के बच्चों के लिए रखा गया है ताकि शिक्षा में बराबरी लाई जा सके और देश आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि हमें उन वर्गों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करनी होगी जो किन्ही कारणों से इससे वंचित हैं।
शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि मणिपाल यूनिवर्सिटी द्वारा जयपुर में विश्व स्तरीय सुविधाएं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है जो खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ग्लोबल डेस्टिनेशन में तब्दील हो रहा है।
कार्यक्रम में जयपुर सांसद महेश जोशी, डेयरी विकास राज्यमंत्री बाबूलाल नागर एवं बगरू विधायक श्रीमती गंगादेवी ने भी विचार व्यक्त किये।
मणिपाल यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं मणिपाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चैयरमेन डॉ. रामदास पई ने शिक्षा को समाज के विकास में मुख्य बिन्दु बताते हुए इस विश्वविद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर भारत में एक मील का पत्थर बताया। समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदास पई ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी और बताया कि अगले पांच-छह सालों में यहां करीब बीस हजार विद्यार्थियों के रहने व अध्ययन करने की सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि पहले फेज में करीब 150 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे हॉस्टल में 1600 कमरे बनाये जा रहे हैं। इससे पहले यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ. एच.एस. बलाल ने अतिथियों को स्वागत किया। अतिथियों का मणिपाल समूह की ओर से अंग वó एवं मैसूरी पगड़ी भेंट कर स्वागत किया गया। यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेन्ट संदीप संचेती ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव सी. के. मैथ्यू, अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) सुनील अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगरीय विकास) जी.एस. संधू, प्रमुख शासन सचिव उच्च शिक्षा राजीव स्वरूप व कई जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया एवं उसके मॉडल का अवलोकन किया।