उदयपुर। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक किरण माहेश्वरी ने कहा कि खमनोर स्थित महाराणा प्रताप स्मारक की उपेक्षा और उसके विकास में लापरवाही अक्षम्य अपराध है। यह प्रशासनिक लापरवाही ही है कि विकास के लिए आवंटित धनराशि से 12 वर्षों में भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाया।
किरण ने कहा कि महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी भारत के शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक है। प्रताप स्मारक की सम्पर्क सड़क की दुर्दशा, मुक्ताकाशी कलामंच के प्रारम्भ नहीं होने एवं अल्पाहार गृह का बंद होना इस गौरव स्थल के प्रति शासन की अरुचि दर्शाता है। राजसमंद के कांग्रेसी सांसद द्वारा इस स्थान के विकास के लिए 20 लाख रुपयों की सार्वजनिक घोषणा को 2 वर्ष होने को आऐ हैं। किन्तु अभी तक भी इसकी अनुशंषा निर्गत नहीं की गई। स्मृति संस्थान को अनुरक्षण का दायित्व देने में पक्षपात किया गया है। सरकार यह अनुबंध तुरंत समाप्त करें।
किरण नें एक अन्तर्सत्रीय प्रश्न के द्वारा हल्दीघाटी और खमनोर के स्मारक स्थल पर किए गए व्ययों, सम्पन्न विकास कार्याे ओर इसकी सुरक्षा व संचालन के लिए की गई व्यवस्था के बारे में सूचना मांगी है। राज्य एवं केन्द्र के पर्यटन मंत्री को लिखे पत्र में किरण नें मांग की कि महाराणा प्रताप से संबधित सभी स्थलों के विकास, सुरक्षा, संरक्षा और संचालन के लिए महाराणा प्रताप प्रतिष्ठान की स्थापना कर उसे पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए। इन स्थलों का अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्रों के रुप में विकास किया जाए।
किरण नें राज्य सरकार से हल्दी घाटी और प्रताप स्मारक पर अब तक किए गए सभी कार्याे एंव व्ययों की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है।
राजसमंद में बने नगर भवन ׃ किरण
उदयपुर। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक किरण माहेश्वरी ने कहा कि राजसमंद नगर परिषद के प्रशासनिक मुख्यालय के लिए सर्व सुविधा सम्पन्न नगर भवन की महत्ती आवश्यकता है। नगर भवन में दो सभा कक्ष, एक नाट्य मंच युक्त सभागार, उपवन, मेलों एवं प्रदर्शनी के लिए व वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त रिक्त स्थान सहित भावी 30 वर्षों के लिए आवश्यक कार्यालय कक्षों का प्रावधान होना चाहिए। नगर भवन में समिति अध्यक्षों के कक्ष, पार्षदों का कक्ष, जनता के लिए प्रतीक्षा कक्ष एवं अल्पाहार गृह की सुविधा भी होनी चाहिए।
किरण ने मुख्यमंत्री और नगरीय विकास मंत्री को पत्र लिख कर नगर भवन निर्माण की स्वीकृति और आवश्यक वित्तीय स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। नगर भवन के लिए उपयुक्त स्थान को भी शीघ्र चिन्हित किया जाना आवश्यक है। राजसमंद एक विकासशील औद्योगिक एवं वाणिज्यिक केन्द्र है। अन्य बड़े नगरों के समान ही यहां पर भी एक नगर भवन होना चाहिए।