एक गठजोड़ ऐसा भी..

तुप्ति सिंह
तुप्ति सिंह

-राहुल चौधरी- लड़की कितना पढ़ी लिखी है, कहां से पढ़ी है, नौकरी करती है क्या, सुंदर है क्या, पिता क्या करते है,कहां के रहने वाले है, कौन से राजपूत है…ये सभी सवालो का तो वे बड़ी शिद्दत औऱ धैर्य से जवाबदेती है पर उनका पारा आसमान पर पहुंच जाता है जब सवाल ये होता है कि लड़की वाले टीकाकितना देगें।
इनसे मिलिये, ये है तृप्ति सिंह दोढ़सर। बीकानेर की बेटी है औऱ ससुराल जोधपुर में है। हमेशा सेअपने लोगो के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति के साथ उन्होने एक ऐसा रास्ता चुना जो किसीनये तरह के सामाजिक आंदोलन से कम नही है। तृप्ति सिंह ने सोशल मिड़िया के मंंच को एक नयाआयाम देते हुए फेसबुक पर जोड़िया बनाने का काम सितम्बर 2012 मेशुरु किया। तब वे अपनेपति के साथ अमेरिका के ओहायो प्रांत के कोलंम्बस शहर में रहा करती थी। देश से दूर अपने केख्याल ने तृप्ति को प्रेरित किया और उन्होने गठजोर नाम का एक फेसबुक पेज बनाया। ये मंचराजपूत समाज के युवाओं की जोड़िया बनाने के लिए दिन रात जुटा रहा है औऱ खास बात ये कितृप्ति ने इसे केवल समाज सेवा के माध्यम तक ही सिमित रखा है।
“बढ़ती दूरियों औऱ सही चुनाव नही मिल पाने से राजपूत समाज में इस तरह के मंच की जरुरतथी, जिससे ना केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश औऱ विदेशों में रहने वाले समाज बंधुओं को अपनेबच्चों के लिए सही चुनाव करने के लिए मंच मिल पाये। गठजोर को समाज ने पूरी तरह अपनायाहै औऱ आज हमने कई अच्छे जोड़े बनाने में सफलता प्राप्त की है।“ तुप्ति सिंह ने बताया।
तृप्ति पिछले साल अमेरिका से गुड़गांव आ कर बस गयी औऱ भारत वापस आने के बाद गठजोर कानेटवर्क ना केवल राजस्थान वरन् हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात तक फैल गयाहै। खास बात ये कि गठजोर, अपने फेसबुक पेज पर अपने सदस्यो से सूचना का आदान प्रदानबिल्कुल गोपनीय रखता है औऱ केवल उन्ही लोगो के साथ सूचना का आदान प्रदान किया जाता हैजहां कद, स्तर औऱ योग्यता का मेल सही बैठता है।

राहुल चौधरी
राहुल चौधरी

“हम समाज की सेवा कर रहे है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हम परिवारों कीनिजता का पूरा ख्याल रखे। इसके साथ ही हम ऐसे किसी परिवार के साथ काम नही करते जोकिसी भी प्रकार से टीका या दहेज की मांग रखते है।“ तृप्ति सिंह ने कहा।
तृप्ति सिंह का काम वाकई उल्लेखनीय है और राजपूत समाज में सराहा जा रहा है। पर इससे भीबढ़कर ये ..कि तृप्ति सिंह द्वारा पेश किया गया उदाहरण अन्य समाजों द्वारा भी अपनाया जा सकताहै।
गठजोड़ का फेसबुक लिंक –
https://www.facebook.com/pages/Gathjor/492438627434674

2 thoughts on “एक गठजोड़ ऐसा भी..”

  1. Tripti Baisa’s selfless service to the Rajput community is highly praiseworthy and worth emulating by others.Rajputs will remember her for her yeomen contribution in uniting young hearts.We earnestly pray for her success in all her endavours . God bless Gatjor….God speed.

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