
-सुमित सारस्वत- ब्यावर। पूज्य रमेश भाई ओझा ने कहा कि देश के नेता राजनीतिक स्वार्थ के चलते धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं। देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में धर्मांतरण चरम सीमा पर हो रहा है। लोभ व लालच देकर धर्म बदला और बदलवाया जा रहा है। राजनेता भी इसे संरक्षण दे रहे हैं। यह बात नारायण आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन व्यासपीठ से कही गई।
भाईश्री ने कहा कि भारत देश में राजनीति और राजनेताओं का स्तर गिर रहा है। ‘नो उल्लू बनाविंग..Ó विज्ञापन के वाक्य बोलकर संतश्री ने समझाया कि संसद के राज्यसभा और लोकसभा सदन में बैठे नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। लोकतंत्र प्रजातंत्र का मंदिर है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मंदिर में प्रवेश से पूर्व मत्था टेककर नमन किया। यह सराहनीय कार्य है। भाईश्री ने कहा कि देश में बढ़ता धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनना चाहिए। उन्होंने आमजन से कहा कि धर्म मत बदलो। धर्म से स्वयं को बदलो। किसी भय या लालच में धर्मांतरण को कानून मान्यता नहीं देता है। भाईश्री ने एबीसीडी के जरिए भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि परमात्मा कण-कण में विद्यमान है। मूर्ति पूजा शास्त्रीय है। प्रेम की पराकाष्ठा होने पर प्रेमी ज्ञानी हो जाता है। परमात्मा से प्रेम करो। भक्ति के वश में आकर निर्गुण निराकार भी सगुण साकार बन जाता है। संतश्री ने स्पष्ट किया कि साधना की गाडी में चार गियर है। पहला गियर तीर्थयात्रा, दूसरा मूर्ति पूजा, तीसरा ध्यान धारणा व चौथा गियर सहज अवस्था है। अगर मनुष्य अपने जीवन की गाडी इन चारों गियर को लगाकर संचालित करे तो जीवन सफल हो जाएगा। सेवा में सुख है मगर सेवा से स्वयं लाभ लेने लगे तो भोग के समान है। कथा के मध्य भाईश्री ने केसरिया बालम आओ नीं.., मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे.., रुण-झुण बाजे पायलिया मेरे घर आए कान्हा.., मुझे दे दर्शन गिरधारी रे… जैसे भजनों पर भाव में डूबे भक्त झूम उठे। कृष्ण जन्म प्रसंग के मौके पर नंद उत्सव धूमधाम से मनाया गया। गोवर्धन पर्वत व छप्पन भोग की झांकी भी सजाई गई। कथा में पोरबंदर के सांदीपन विद्या निकेतन से आए 280 ऋषि कुमारों ने वेद पाठ किया। कथा प्रारंभ होने से पहले पूर्व मंत्री बी.डी.कल्ला, पीसीसी सचिव पारस पंच, महेंद्र सिंह रलावता, जगदीश वर्मा, एएसपी जय यादव, मोहनलाल बजाज, डॉ.अशोक बंसल, नितेश गोयल, गोपाल शर्मा, ललित प्रजापति, अभयराज पदावत ने भाईश्री का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। मंच संचालन रमेश बंसल ने किया।