डेयरी अध्यक्ष श्री रामचंद्र चैधरी ने डेयरी विकास के संबंध में दी जानकारी
अजमेर, 13 मार्च। अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा इंडियन डेयरी एसोसिएशन (आइडा) नोर्थ जोन दिल्ली का दो दिवसीय सेमिनार आगामी 18 अप्रेल से जवाहर रंगमंच पर आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी अजमेर डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचंद्र चैधरी ने दी।श्री चैधरी ने बताया कि सेमिनार में राजस्थान में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, पशु नस्ल संवर्द्धन, पशुओं में बीमारियां, दुग्ध की गुणवत्ता, संतुलित पशु आहार निर्माण, उच्च कोटि के हरे चारे के विभिन्न किस्मों के बीज एवं पशु पालकों की समस्याओं पर एनडीआरआई दिल्ली के वैज्ञानिकों द्वारा प्रजेन्टेशन व व्याख्यान दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुग्ध का भाव 480 रू प्रति किलो फैट है। दुग्ध के भाव 21 मार्च, 2015 से 500 रू प्रति किलो फैट, 1 अप्रेल 2015 से 520 रू प्रति किलो फैट एवं 1 मई 2015 तक 600 रू प्रति किलो फैट करने का प्रयास करेंगे। दुग्ध के खरीद मूल्य में बढ़ोत्तरी का प्रभाव उपभोक्ताओं पर नही पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि अजमेर दुग्ध डेयरी द्वारा इस सहकारी वित्तीय वर्ष में 10.50 करोड़ लीटर दुग्घ का संकलन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा 2 रू प्रति लीटर अनुदान नही देने से 21 करोड़ रू का घाटा हुआ है। नाबार्ड की बकाया सब्सिडी शीघ्र ही आने की संभावना है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में डेयरी में 4 लाख लीटर दूध प्रति दिन आ रहा है, अतः अगले वित्तीय वर्ष में 8 लाख लीटर क्षमता का प्रोसेसिंग प्लांट एवं 30 एमटी क्षमता का पाउडर प्लांट स्थापित किया जाएगा। जिसकी लागत लगभग 125 करोड़ रूपए होगी। इस प्रकार आने वाले वर्षों में 10 लाख लीटर तक दुग्ध एकत्रित किया जा सकेगा। इसकी लागत लगभग 125 करोड़ रूपए होगी।
श्री चैधरी ने बताया कि दिसम्बर 2014 तक संघ 5.34 करोड़ रूपए घाटे में था जिससे उबरने के लिए समय-समय पर दूध के भाव कम करने पड़े। उक्त प्रयासों के फलस्वरूप 31 मार्च 2015 तक संघ को लाभ मंे लाया जाएगा। दुग्ध समितियों को देय घी कमीशन 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है जिससे वितरक की दर से ही समितियों को भी घी उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि स्वच्छ दुग्ध उत्पादन योजना (सीएमपी) तृतीय फेज के अन्तर्गत कुल 6 हजार दुग्ध उत्पादकों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के साथ उन्हें डिटर्जेन्ट, एन्टी सेप्टिक किट व 5 लीटर की स्टील केतली भी दी जा रही है। इसी क्रम में 100 दुग्ध समितियों को लेक्टोस्केन एवं 40 दुग्ध समितियों को बीआर मीटर दिया जाएगा। संघ में घी एवं पाउडर का स्टाॅक ज्यादा होने से दुग्ध उत्पादकों को समय-समय पर भुगतान करने हेतु एचडीएफसी बैंक से 10 करोड़ रूपए कार्यशील पूंजी ऋण लेने का निर्णय लिया गया है। संघ द्वारा 6 करोड़ रूपए की हिस्सा राशि अनुमोदन कर जारी की गई है जिससे अब संघ की हिस्सा राशि लगभग 15 करोड़ रूपए हो गई है। इसके अलावा डेयरी संघ द्वारा वर्तमान में 26 वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाया गया है शेष वाहनों पर शीघ्र ही जीपीएस सिस्टम लगा दिया जाएगा।