किशनगढ़ शहर के जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स से हुई चर्चा
अजमेर/किशनगढ़, 6 अगस्त। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) अपने पांचवें चरण में किशनगढ शहर में 69.90 करोड़ से होने वाले कार्यों पर शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभाग के अधिकारियों, मीडिया एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए कंसल्टेशन मीटिंग आरयूआईडीपी संवाद का आयोजन गुरूवार को शहर के स्वामी विवेकानन्द सभागार नगर परिषद किशनगढ़ में किया गया। आरयूआईडीपी संवाद कार्यक्रम में पंचम चरण में होने वाले कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक लिया गया। कार्यक्रम में उपखण्ड अधिकारी किशनगढ़, नगर परिषद आयुक्त किशनगढ़ और निवर्तमान सभापति ने भाग लिया।
कार्यक्रम में आरयूआईडीपी द्वारा किशनगढ़ शहर में पांचवें चरण में किए जाने वाले लगभग 69.90 करोड़ के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस चरण में एशियन विकास बैंक के वित्तपोषण से अपशिष्ट जल प्रबंधन एवं शोधित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग के लिए कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों पर लगभग 51.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के कार्य 7.60 करोड़ की लागत से किए जाएंगे, कमान्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (सीसीसी) और विरासत संरक्षण एवं पर्यटन संबंधी कार्य 10.64 करोड से किए जाएंगे।
कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रेस, प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों, महिलाओं एवं आमजन ने शिरकत की। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने आरयूआईडीपी द्वारा शहरी विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के सफल निष्पादन में स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सहयोग के लिए आरयूआईडीपी तथा स्थानीय निकायों के मध्य सामंजस्य पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सहभागियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपखण्ड अधिकारी ने सीवरेज प्रोजेक्ट को किशनगढ़ के लिए अच्छा एवं महत्वपूर्ण बताया और प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने नगर परिषद और शहरवासीयों के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। सफलता के लिए जरूरी है कि आरयूआईडीपी, नगर परिषद एवं अन्य सहयोगी विभागों के बीच सामंजस्य हों। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस योजना का फायदा बहुत जल्द किशनगढ़ की जनता को होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया की किशनगढ़ की जनता और वार्ड पार्षद इस परियोजना में पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने उपस्थित जन प्रतिनिधधियों से इस योजना को घर-घर तक पहुंचाने और सहयोग की अपील की। परियोजना का लाभ जल्द से जल्द आमजन को मिल सके इसलिए प्लानिग की जाए। उन्होंने पार्षदों व हितधारकों का कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने पर धन्यवाद किया।
कार्यशाला में किशनगढ़ के उपखण्ड अधिकारी ने अपने उद्बोधन में बोलते हुए कहा कि प्रोजेक्ट इस बात का ध्यान रखे कि क्रियान्वयन में तकलीफें कम से कम हो। उन्होंने कहा कि सीवरेज परियोजना में कई प्रकार की दिक्कते आती है उन्होंने पूर्व के कटु अनुभवों के आधार पर कहा की किशनगढ में आरयूआईडीपी सीवरेज के कार्य अच्छे ढंग से करेगा। इस वर्कशॉप के माध्यम से प्रतिभागियों के रचनात्मक सुझाव सामने आए।
आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियन्ता श्री नाहर सिंह ने किशनगढ में परियोजना के पांचवे चरण में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी एक प्रजन्टेशन के माध्यम से दी। प्रतिभागियों को विभाग की ओर से आश्वस्त करते हुए कहा कि परियोजना कार्याे को गुणवत्ता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जायेगा साथ ही वर्कशॉप में मिले सुझावों को परियोजना में शामिल किया जाएगा। कार्यशाला में एक वृतचित्र के माध्यम से आरयूआईडीपी द्वारा किए जा रहे कार्यों को दर्शाया गया। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर व अन्य कार्याे के बारे में अपनी जिज्ञासाओं से सम्बंधित जानकारी ली।
कार्यशाला में पुर्व जनप्रतिनिधियों में श्री दिनेश सिंह राठौड, श्री महेन्द्र पाटनी, श्री पृथ्वीराज सिंह, श्री बबलू रावत, श्री पवन कुमार शर्मा, श्री अनिल कुमार राव, श्री शंकर शर्मा, श्री बलराम सामरिया, श्री रमेश चाण्डव (वरिष्ठ उपाध्यक्ष मार्बल एसोशियन किशनगढ) प्रबुद्धजनों एवं नगर परिषद आयुक्त श्री जनार्दन शर्मा, वैज्ञानिक अधिकारी (प्रदुषण) डॉ. विकास सिंह, पीएचईडी श्री दीपक शर्मा, सहायक अभियंता, नगर परिषद त्रिलोक चन्द कुमावत, श्री विष्णु अडानिया, आएसआरटीसी श्री सोहनराम, पटवारी श्री अजय कुमार, सहायक अभियंता श्री मनीष दत्ता, कनिष्ठ अभियंता श्री जितेन्द्र कुमार,एवं विभिन्न विभाग के अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स ने शिरकत की।