जात-पात से नहीं भक्ति से प्रसन्न होते हैं भगवान

भगवान का हुआ जन्म महिलाओं ने गाये सोहरे और बधाईयां
IMG_20151122_172941IMG_20151122_172958छतरपुर। पन्ना रोड स्थित प्राचीन नर्सिंह मंदिर में चल रही सात दिवसीय भागवत कथा में चौथे दिन पूरा प्रांगण भगवान कृष्ण के जन्म की लीला से प्रफुल्लित हो उठा। भगवान का जन्म होते ही कथा स्थल सोहरे और बधाईयां गीतों की मधुर ध्वनी से गुंजायमान हो गया। महिलाओं ने भगवान कृष्ण को गोद में लेकर खूब नृत्य किया और गीत गाये तथा भगवान की बलाईयां ली। चौथे दिन कथा वाचक महाराज पं. नवलकिशोर शास्त्री जी ने गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, बली बावन सवांद, मत्य अवतार, नर्सिंह अवतार, भक्त श्री अमरीस चरित्र का विस्तार से वर्णन किया।
पं. नवलकिशोर शास्त्री ने संगीतमय भागवत कथा के दौरान कहा कि भगवान जात-पात से नहीं भक्ति से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि जब बालक प्रहलाद को बचाने के लिए भगवान ने विराट नर्सिंह रूप धारण किया तो सभी भय-भीत हो गए। देवताओं ने आकाश में स्तुति कर भगवान का क्रोध शांत करने का प्रयास किया लेकिन भगवान का क्रोध शांत नहीं हुआ। तब देवताओं के अनुरोध पर स्वयं प्रहलाद भगवान को मनाने सिघांसन पर पहुंचे और अपने कोमल हांथों से उनके चरण पकड़ लिए। भगवान ने भक्त प्रहलाद से कहा कि मुझे आने में देर हो गई है और तुमने अपने पिता के बहुत अत्याचार सहे हैं। इस लिए मुझे क्षमा कर दो तो वहीं भक्त प्रहलाद ने भगवान से कहा कि आप को मेरे जैसे छोटे भक्त को बचाने के लिए कष्ट सह कर यहां आना पड़ा इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं। महाराज श्री शास्त्री जी ने कहा कि भगवान की नजर में कोई बड़ा-छोटा नहीं होता, उन्होंने कहा कि भगवान केवल भक्ति से प्रसन्न होते हैं। गज और ग्राह की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि गजेन्द्र ने केवल भगवान के चरणों में एक पुष्प अर्पित किया था और भगवान ने ग्राह से गजेन्द्र को बचा लिया। उन्होंने कहा कि कुबजा कुरूप थी उसके बाद भी भगवान ने उसे अपनाया। सुदामा दीन हीन और गरीब था लेकिन भगवान ने उसे अपने सीने से लगाया। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण पृथ्वी के देवता हैं, लेकिन उनके मुख से बेदवाणी का उच्चारण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत में ब्राम्हण के अंदर बाहर गुण बताए गए हैं जबकि गीता में ब्राम्हण के नौ गुण बताए गए हैं। महाराज श्री ने कथा के बीच में कई ऐसे रोचक प्रसंग और भक्ति पूर्ण गीत प्रस्तुत किए जिसे सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। ज्ञात हो कि नर्सिंह मंदिर में भाजपा महामंत्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू एवं नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह के सहयोग से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन भागवत कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
Santosh Gangele

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