जिला शिक्षा बोर्ड संभालेंगे स्कूलों की व्यवस्थाएं – प्रो.देवनानी

जिला कलक्टर होंगे अध्यक्ष, डीईओ सदस्य सचिव
जिले के सांसद, दो विधायक, जिला प्रमुख एवं एक प्रधान भी होंगे सदस्य
राजस्थान के सभी जिलों में जिला स्कूल सलाहकार समितियों का गठन

v devnani 1अजमेर, 22 मार्च। राज्य के सभी जिलों की सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12 तक की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, गुणवत्ता निर्माण एवं प्रभावी माॅनिटरिंग के लिए जिला स्कूल सलाहकार समिति (जिला शिक्षा बोर्ड) का गठन किया गया है। यह समितियां जिलों में शिक्षा का अधिकार, निजी स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए सलाह देना सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य सम्पादित करेंगी।
शिक्षा राज्य मंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने जानकारी दी कि जिला स्कूल सलाहकार समिति में जिला कलक्टर अध्यक्ष होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक (प्रथम एवं द्वितीय) सदस्य सचिव होंगे। इसके अतिरिक्त जिले के लोकसभा सदस्य, दो विधायक, जिला प्रमुख एवं एक प्रधान को सदस्य बनाया गया है। समिति में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक (प्रथम एवं द्वितीय), प्रधानाचार्य डाइट, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, राजस्थान माध्यमिक एवं प्रारम्भिक शिक्षा परिषद, जिला कलक्टर द्वारा मनोनीत चार अभिभावक, दो सिविल सोसाइटी सदस्य, एक प्रधानाचार्य, एक ब्लाॅक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी, एक प्रधानाध्यापक, एक अध्यापक, एक सेवा निवृत राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, जिले में श्रेष्ठ परिणाम अर्जित करने वाले गैर सरकारी विद्यालय का प्रधानाचार्य, दो भामाशाह एवं एक स्कूल शिक्षा से संबंधित विशेषज्ञ भी समिति में सदस्य होंगे।

अजमेर में सांसद प्रो. जाट, विधायक श्री चैधरी एवं श्री गौतम सदस्य मनोनीत
राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में सांसद एवं विधायकों को समिति में सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। अजमेर में केन्द्रीय जलसंसाधन राज्य मंत्राी प्रो. सांवर लाल जाट, किशनगढ़ विधायक श्री भागीरथ चैधरी एवं केकड़ी विधायक श्री शत्राुघ्न गौतम को सदस्य मनोनीत किया गया है । उनके साथ जिला जिला प्रमुख सुश्री वंदना नोगिया एवं केकड़ी प्रधान श्रीमती पूजा भी सदस्य होंगी।

समिति के उद्ेदश्य
प्रो. देवनानी ने बताया कि प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा की उपलब्धता के लिए आवश्यक है कि विद्यालय में उपलब्ध मानवीय एवं भौतिक संसाधनों का समुचित उपयोग हो। विद्यालय में शिक्षक पाठ्यक्रम के अनुसार शैक्षिक और सहशैक्षिक गतिविधियों को पूर्ण सक्रियता एवं मनोयोग के साथ सम्पादित कराए। विद्यालयों का सतत निरीक्षण एवं मूल्यांकन हो। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समिति का गठन किया गया है।

समिति के कार्य
प्रो. देवनानी ने बताया कि जिला स्कूल सलाहकार समिति जिले में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की पालना, जिले में प्राइवेट स्कूलों की फीस निर्धारण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति को सलाह देना, प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्रा परीक्षा के संचालन में सहयोग, शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए सलाहकारी योजना बनाना, राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की जांच कर उसमें सुधार के लिए विद्यालय वार कार्ययोजना तैयार करना, इसकी नियमित समीक्षा, विद्यालयों का भैतिक विकास, अध्यापकों की स्कूल में समय पर उपस्थिति एवं पूर्ण ठहराव सुनिश्चित करना, नामांकन वृद्धि, श्रेष्ठ परिणाम देने वालों विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को चिन्हित कर जिला स्तर पर पुरस्कार के लिए अनुशंसा आदि कार्य करेगी।

समिति का संचालन
जिला स्कूल सलाहकार समिति की त्रोमासिक एवं वार्षिक बैठक आयोजित होंगी। इससे संबंधित समस्त कार्यवाही सदस्य सचिव द्वारा सम्पादित की जाएगी। समिति का प्रशासनिक नियंत्राण प्रारम्भिक शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार के अधीन होगा। समिति प्रतिवर्ष की वार्षिक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रेषित करेगी।

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