‘युवा उच्छब’ में आचार्य ने कविताएं और ‘समीर’ की प्रस्तुत की कहानी

bikaner samacharबीकानेर, 12 सितम्बर। केन्द्रीय साहित्य अकादमी की ओर से रम्मत संस्थान द्वारा जोधपुर के होटल चंद्रा इन में आयोजित दो दिवसीय ‘युवा उच्छब’ के पहले दिन बीकानेर के युवा कवि हरिशंकर आचार्य ने अपनी एक दर्जन से अधिक कविताएं प्रस्तुत कर समां बांधा वहीं कथाकार रमेश भोजक ‘समीर’ ने राजस्थानी कहानी ‘शंकर री मां’ की प्रभावमयी प्रस्तुति दी।
पहले दिन के पहले सत्र में बीकानेर के युवा कवि हरिशंकर आचार्य के अलावा कोटा के ओम नागर, महाजन के मदनगोपाल लढ्ढा और परलीका के विनोद स्वामी ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। आचार्य ने ‘अणजलमी बेटी’ के माध्यम से बेटी बचाने का संदेश दिया, वहीं ‘कांई खातर’, ‘आंख्यां अर हाथ’, ‘म्रित्यु’, ‘माँ’ शीर्षक सहित एक दर्जन से अधिक कविताएं प्रस्तुत कीं। इस सत्र की अध्यक्षता साहित्यकार श्याम सुंदर भारती ने की। मीठेश निर्मोही ने संचालन किया।
दूसरे सत्र में रमेश भोजक ‘समीर’ ने कहानी का वाचन किया। इस सत्र की अध्यक्षता बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार मधुआचार्य ‘आशावादी’ ने की। इस सत्र में उम्मेद धानिया और देवकी दर्पण ‘रसराज’ ने कहानियां और कमल किशोर पिपलवा ने निबंध प्रस्तुत किया। दूसरे सत्र का संचालन गौरी शंकर ने किया।
इससे पहले प्रो. जहूर खान मेहर के मुख्य आतिथ्य में ‘युवा उच्छब’ का उद्घाटन सत्र आयोजित हुआ। इस सत्र की अध्यक्षता केन्द्रीय अकादमी के राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के अध्यक्ष अर्जुन देव चारण ने की। केन्द्रीय अकादमी के सहायक संपादक शांतनु गंगोपाध्याय ने आगंतुकों का स्वागत किया।
इस अवसर पर बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी और डॉ. नीरज दइया भी मौजूद थे।

-मोहन थानवी

error: Content is protected !!