sohanpal singhतू डाल डाल मै पात पात, अजब कहानी है, एक स्वप्नों के सौदागर की तरह हमारे लोकप्रिय प्रधान मंत्री मोदी जी ने भारत की सत्ता सँभालने के साथ ही बहुत सी लोकलुभावन योजनाओं की शुरुआत की कुछ नई थीं और और कुछ पुरानी योजनाओं को नाम बदलकर आरम्भ किया , इसमें कुछ नया भी नहीं था सभी सरकारों में ये होता रहा है ? लेकिन योजनाओं के विफल होने में भी सफलता के बीज बोना कोई सीखना चाहे तो उसे प्रधान मंत्री की शगिर्दगी करनी पड़ेगी ?हम बात कर रहे है “प्रधान मंत्री जन धन योजना” जिसमें जीरो बेलेंस पर करोड़ों कहते इस आशा में खुलवाये गए कि सरकार की ओर से 15 लाख न भी मिलें तो 5 हजार का प्रस्तावित कर्ज तो मिल ही जायेगा इस लिए जीरो बैलेंस पर खुलने वाले खतों की संख्या ढाई करोड़ तक पहुँच गई है और अब तक डेढ़ करोड़ खतों में 42000 करोडो रुपया भी जमा हुआ है लेकिन अधिकांश खतों में किसी भी खातेदार ने पैसा नहीं जमा कराया है ? अब अगर इन जीरो बैलेंस खतों में 42 हजार करोड़ रुपया जमा हुआ है तो हुआ न ये जादू ? लेकिन पत्रकारों द्वारा जाँच करने पर यह मालूम हुआ कि ये पैसा बैंक करचरियों ने ही बैंक के विभिन्न खतों से निकाल कर और अपने स्टाफ वेलफेयर खर्च में कटौती करके जमा किया है ? और यह बताया गया की बैंक कर्मचारियों पर बहुत दबाव था जीरो बैलेंस खतों में पैसा जमा कराने का इस लिए बैंको के कर्मचारियों ने ये सुगम रास्ता निकाला है ? लेकिन आंकड़ो के बादशाह मोदी की तो बल्ले बल्ले हो गई है और ये बिलकुल जादू लगता है ?
अभी अभी एक और शुभ समाचार आया है कि अरुणाचल परदेश के कांग्रेस के पुरे 44 विधायक कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए है जबकि कुल सादड़ी संख्या 60 है और बीजेपी के केवल 11 सदस्य थे ? क्या ये किसी जादू से काम है ? जिसको चुनाव से न जीत सको उसे जादू से जीत लो ? अभी ये जादू हिमाचल और उत्तराखंड में भी चलेगा ? अछि बात है पूरा देश कांग्रेस मुक्त हो जाय लेकिन हमे इन्तजार रहेगा की ये देश मोदी से कब मुक्त होता है एस.पी.सिंह, मेरठ ।