स्वच्छ पानी में पलता, दिन में काटता डेंगू का मच्छर : सीएमएचओ

DSCN6283बीकानेर 16/5/17। डेंगू के वायरस को फैलाने वाला मादा एडीज एजिप्टी मच्छर साफ पानी में अंडे देता और दिन में काटता है। एक छोटे ढक्कन जितने पानी में भी लार्वा पनप सकते हैं इसलिए घर व आस-पास कहीं भी पानी इकठ्ठा या खड़ा न रहने दें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें ताकि कोई भी टाइगर मच्छर का शिकार ना बने। मंगलवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित नर्सिंग स्टाफ को संबोधित करते हुए सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चैधरी ने आमजन में अधिकाधिक जन-जागरण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियाँ लगभग समाप्त हो चुकी हैं क्योकि वहाँ स्वच्छता को जन-जन ने अपना लिया है। इन बीमारियों को रोकना आसान है और ये एक सामुहिक जिम्मेदारी है जिसमे आम-जन को जोड़ना नर्सिंग स्टाफ का परम कर्तव्य है। मई माह में डेंगू दिवस मनाने के पीछे कारण भी यही है कि आगामी बारिश के मौसम से पहले ही मच्छरों के प्रति आमजन को सजग किया जा सके।
इस अवसर पर आरसीएचओ डॉ. रमेश गुप्ता, यूनिसेफ के ललित रंगा, आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य, एएमओ अशोक व्यास, मनोज आचार्य व अमित व्यास सहित शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों से आए नर्सिंग कर्मी उपस्थित रहे।

एंटीलार्वा गतिविधियाँ करें तेज
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. इंदिरा प्रभाकर ने कहा कि तेज गर्मी के कारण मच्छरों की तादाद कम है और अभी प्रभावी एंटीलार्वा गतिविधियाँ की जाए तो आगामी वर्षा के मौसम में भी बीमारियों का फैलाव नहीं हो पाएगा।

वाहक जनित रोगों पर हुआ है प्रभावी नियंत्रण
एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह ने बताया कि वेक्टर बोर्न डिजीज जैसे डेंगू-मलेरिया-चिकनगुनिया उन्मूलन के पड़ाव पर है। इस साल जनवरी से अब तक जिले में डेंगू का एक भी केस पॉजिटिव नहीं मिला है और मिशन अगेंस्ट मलेरिया में जिले ने उत्कृष्ठ कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रचार-प्रसार के माध्यमों से हर सप्ताह एक दिन सूखा दिवस मनाते हुए उस दिन सभी कूलर साफ करने की अपील की जा रही है। क्रेश कार्यक्रम के तहत जहां पिछले वर्षों में डेंगू के केस मिले हैं वहाँ सघन एंटीलार्वा गतिविधियाँ की जा रही हैं।

संक्रमित एडीज का हर अंडा है संक्रमित
डॉ. चैधरी ने बताया कि संक्रमित एडीज मच्छर का प्रत्येक अंडा संक्रमित होता है। उससे बना मच्छर डेंगू के वायरस को निश्चय ही फैलाएगा। यदि अंडा लम्बे समय तक सूखे में पड़ा रह जाए और बाद में नमी मिल जाए तो भी अंडे से लार्वा निकल कर मच्छर बन सकता है। इसलिए एंटी लार्वा गतिविधियाँ पुख्ता होनी चाहिए।

डेंगू के लक्षण
डॉ. इंदिरा प्रभाकर ने बताया कि डेंगू के लक्षण संक्रमण के 3 से 13 दिन बाद सामने आते हैं। डेंगू में अचानक तीव्र ज्वर होता है, जिसके साथ-साथ तेज सिर दर्द होता है, मांसपेशियों तथा जोडों मे भयानक दर्द होता है। इसके अलावा शरीर पर लाल चकते भी बन जाते है जो सबसे पहले पैरों पे फिर छाती पर तथा कभी कभी सारे शरीर पर फैल जाते है। इसके अलावा पेट खराब हो जाना, उसमें दर्द होना, कमजोरी, दस्त लगना, ब्लेडर की समस्या, निरंतर चक्कर आना, भूख ना लगना भी लक्षण रूप मे ज्ञात है। शास्त्रीय तौर पर ये ज्वर 6-7 दिन रहता है ज्वर समाप्ति के समय फिर से कुछ समय हेतु ज्वर आता है, जब तक रोगी का तापक्रम सामान्य नहीं होता है तब तक उसके रक्त मे प्लेटलेटस की संख्या कम रहती है।

एलाइजा टेस्ट से पुष्टि
डॉ. चैधरी ने बताया कि डेंगू के लक्षण पाए जाने पर रैपिड टेस्ट एनएस 1 जांच की जाती है जिसमे पॉजिटिव आने पर मरीज का इलाज शुरू कर एलाइजा टेस्ट करवाया जाता है जो पॉजिटिव आने पर ही उसे डेंगू की पुष्टि होती है। बीकानेर में जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में ये सुविधा उपलब्ध है।

डेंगू से बचाव
1. घर में एवं घर के आसपास पानी एकत्र ना होने दें, साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
2. यदि घर में बर्तनों आदि में पानी भर कर रखना है तो ढक कर रखें। यदि जरुरत ना हो तो बर्तन खाली कर के या उल्टा कर के रख दें।
3. कूलर-गमले आदि का पानी रोज बदलते रहें। यदि पानी की जरूरत ना हो तो कूलर आदि को खाली करके सुखायें।
4. ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर के अधिकतम हिस्से को ढक सकें।
5. मच्छर रोधी स्ट्रिप, क्रीम, स्प्रे, लिक्विड, इलेक्ट्रिक रैकेट आदि का प्रयोग मच्छरों के बचाव हेतु करें।

– मोहन थानवी

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