‘कृषि जल दूत’ जगाएंगे जल बचत की चेतना

नाबार्ड एवं उरमूल ट्रस्ट का ‘जल ही जीवन है’ अभियान 21 से, जिले के पांच सौ गांव हुए चयनित
water campaign-2बीकानेर, 16 मई। ‘कृषि जल दूत’ जिले के पांच सौ गांवों में परम्परागत जल स्त्रोतों के संरक्षण तथा जल बचत के साथ-साथ, बूंद-बूंद पानी के समुचित उपयोग के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। नाबार्ड और उरमूल ट्रस्ट के सहयोग से यह अभियान 21 मई से प्रारम्भ होगा। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इन ‘कृषि जल दूतों’ को किट एवं प्रचार सामग्री सौंपी तथा इस पुनीत अभियान में पूरे मनोयोग के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिला कलक्टर ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के निवासी पानी का महत्त्व बखूबी समझते हैं। वर्षा जल संरक्षण एवं इसका समुचित उपयोग इस क्षेत्रा की परम्परा रही है। यहां पूर्वजों द्वारा बनाए गए कुएं, बावड़ियां, तालाब और अनेक परम्परागत जल स्त्रोत हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से चलने वाले इस अभियान से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति चेतना आएगी। उन्होंने जनचेतना के अभियान को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
नाबार्ड प्रबंधक भूपेन्द्र कुमावत ने बताया कि नाबार्ड द्वारा पूरे देश में ‘वाटर केंपेन-2017 जल ही जीवन है’ चलाया जा रहा है। बीकानेर संभाग में बीकानेर और चूरू के पांच-पांच सौ गांवों का चिन्हीकरण इसके तहत किया गया है। अभियान के तहत चयनित गांवों में जल संरक्षण के प्रति चेतना जागृत की जाएगी। इसके लिए 40 ‘कृषि जल दूतों’ का चयन किया गया है। इन्हें प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये जल दूत, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटकों आदि के माध्यम से जागरूकता पैदा करेंगे।
उरमूल ट्रस्ट के सचिव अरविंद ओझा ने बताया कि अभियान के तहत चयनित गांवों को क्लस्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्लस्टर के 25-25 गांवों में, दो-दो ‘कृषि जल दूत’ जाएंगे। इन जल दूतों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ‘वाटर मेपिंग’ भी की जाएगी। इसके माध्यम से गांवों में जल स्त्रोतों का चिन्हीकरण एवं उनकी स्थिति जानी जाएगी।
चयनित गांवों की यह है स्थिति
‘जल ही जीवन है’ अभियान के तहत बीकानेर एवं श्रीडूंगरगढ़ के 75-75, लूनकरनसर के 100, नोखा के 50, पांचू एवं खाजूवाला के 25-25 तथा कोलायत के 150 गांवों का चयन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने अभियान से संबंधित बैनर का विमोचन किया। इस अवसर पर लीड बैंक अधिकारी जितेन्द्र माथुर तथा चाइल्ड हैल्पलाइन के चेनाराम सहित कृषि जल दूत मौजूद थे।
—–
जिला कलक्टर ने की विद्युत सप्लाई की समीक्षा
बीकानेर, 16 मई। जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने मंगलवार को बीकानेर इलेक्ट्रिक सप्लाई लिमिटेड के पदाधिकारियों से शहरी क्षेत्रा में विद्युत सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर कंपनी के सीइओ ए. एन. सिंह, बी. चटर्जी तथा अधीक्षण अभियंता भूपेन्द्र भारद्वाज मौजूद थे।
जिला कलक्टर ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने नियंत्राण कक्ष को मुस्तैद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि कंपनी अपनी सुविधाओं में और वृद्धि करे। गर्मी के मौसम में निर्बाध विद्युत सप्लाई पर विशेष ध्यान देने के साथ, उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी, जिला प्रशासन से नियमित संवाद तथा समन्वय रखें। पुलिस-प्रशासन द्वारा भी इस व्यवस्था में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
—–
बजट घोषणा की समीक्षा बैठक 23 को
बीकानेर, 16 मई। जिले से संबंधित बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक 23 मई को प्रातः 11 बजे कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी। प्रभारी अधिकारी (लेखा) ने बताया कि बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 तथा 2017-18 की घोषणाओं की समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को 19 मई तक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित किया गया है।
—-
औद्योगिक जागरूकता एवं प्रोत्साहन शिविर बुधवार को
बीकानेर, 16 मई। राजस्थान वित्त निगम द्वारा बुधवार को सुबह 10 बजे से सांय 5.30 बजे तक चौपड़ा कटला स्थित शाखा कार्यालय में औद्योगिक जागरूकता एवं प्रोत्साहन शिविर का आयोजन किया जाएगा।
सहायक प्रबन्धक पालीराम ने बताया कि उद्यमियों को नये उद्यम स्थापित करने के लिए युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, गुड बोरोवर्स के लिए गोल्ड कार्ड, प्लेटिनम कार्ड, फ्लेक्सी लोन व अन्य ऋण योजनाओं की जानकारी के साथ पहले से स्थापित अन्य इकाईयों के लिए सरल एवं एफएएएस ऋण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना में ऋण की राशि 90 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है, जिसमें 90 लाख तक की ऋण राशि पर राज्य सरकार द्वारा ब्याज पर 6 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऋण आवेदन करने वाले उद्यमियों को मौके पर ही ऋण पत्रावली भरवाने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

error: Content is protected !!