सिंधी लोक कलाओं और सिंधु संस्कृति की महत्ता बताई

IMG-20170618-WA0007बीकानेर 18/6/17 रविवार। भारतीय सिंधु सभा महानगर की ओर से चालू सत्र का 5वां और अंतिम बाल संस्कार शिविर का समापन मुक्ता प्रसाद नगर में बच्चों को शिक्षण सामग्री व प्रमाण पत्र वितरण के साथ किया गया। बालकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सिंधी गीतों व भगत; छेज आदि सिंधी लोक कलाओं का प्रदर्शन किया। अतिथि हासानंद मंघवानी /राजकुमार खत्री/ अनिल डेम्बला ने बाल कलाकारों को सराहा व सिंधु संस्कृति की महत्ता बताते कहा कि सिंधी भाषा साहित्य के क्षेत्र में भी आगे बढ़कर समाज को गौरवान्वित करें। आगंतुकों का स्वागत मानसिंह मामनानी ने किया। राजकुमार मोटवानी/ चंद्रभान चंदानी/ हरीश रुपानी/ हंसराज सिन्धी ने समूह में झूलेलाल के भजन सुनाए।

किशन सदारंगानी ने बताया कि सत्र में डूंगरगढ़ सहित पांचों शिविरों में 160 बच्चों ने भागीदारी निभाते हुए सिंधु संस्कृति की जानकारी हासिल की। सभी बच्चों का परिचय भागचंद सदारंगानी ने करवाया तथा आभार प्रदर्शन किया।

– मोहन थानवी
संगठन मंत्री, महानगर

error: Content is protected !!