आंनदपाल प्रकरण और राजस्थान

राजेश टंडन एडवोकेट
राजेश टंडन एडवोकेट
कल राजपूत समाज के लब्धप्रतिष्ठत नेतागण सावंराद गांव हल्का थाना डीडवाना गये और डीप फ्रीजर दिलवा आये , और पुलिस अधिकारियों ने तो पूर्व मैं ही कहा था हमने कभी भी डीफफ्रिजर या बर्फ के लिये मना ही नहीं किया था ,उन नेताओं ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया की गांव मैं लाश पडी है , गांव के मंदिरों और आस पास के मंदिरों मैं पूजा पाठ नहीं हो रहा है सूतक लगा हुआ है लाश उठी नहीं है , गांव मैं चूल्हा नहीं जल रहा है लोगों ने विगत दिनों गुप्त नवरात्रों के पाठ व पूजन नहीं किया है , गुरू पूर्णिमा व सावन आने वाला है दाह संस्कार हुआ नहीं है , कब तीसरा व कब बारवीं व गंगा शीशी पूजन होगा ये सब संस्कार पुलिस थोड़े ही तय करेगी या C B I थोडे ही तय करेगी ये सब तो समाज को ही तय करना होगा कब घर मैं शांति पाठ होगा कब गांव शुद्धि हवन होगा , शीर्ष पर बैठे समाज को यह सब कौन बता सकता है ,अन्य समाजों ने सदैव इनसे ही प्रेरणा और संस्कार लिए है और इतिहास मैं इनकी शोर्य गाथाओं को पढा है , और राजस्थान मैं तोइनकी वंशावलीयां गाई गई है,और गाई जाती हैं,
आंनद पाल प्रकरण मैं सरकार ने एक कमेटी बनाई थी , जिसमें गृहमंत्री सेठ गुलाब जी कटारिया , परनामी जी , और राजेन्द्र सिंह जी राठौड साहब हैं , उस कमेटी ने अपनी ओर से कोई पहल और प्रयास नहीं किया सबने अपनी अपनी स्वार्थ सिद्धि की है , किसी ने अपने क्षैत्र से मामला लाश के साथ समस्त प्रकरण नागौर जिले मैं ट्रांसफर करवा दिया और अपने सहयोगियों से राजनीतिक स्कोर सटेल करने मैं लग गये , सेठ कटारिया जी ने एक बयान देकर माननीय मुख्यमंत्री जी को ही रोंग बोक्स मैं खडा कर दिया कि जब गृहमंत्री जी सो रहे थे याने पुलिस उन्हें कुछ नहीं बता रही थी तो मुख्यमंत्री महोदया क्यों जाग जाग कर बधाईयां दे रही थी , बेचारे परनामी जी तो वैसे ही चाबी वाला बाजा हैं , उन्हें जितना बताते हैं वो उतना ही बोलते है ,
इस प्रकरण मैं पुलिस वालों ने अपने अपने मंजे मंजने शुरू कर दिये अपनी पतंगबाजी शुरू कर दी और पेच लडाने चालू कर दिये की नया DGP कौन बने ,और कहीं वर्तमान को ही ऐक्सटेंसन ना मिल जाये DGP बनने और बनाने की होढा होढी पुलिस मैं शुरू हो गई क्ई पुलिस अधिकारी लोबिंग के काम मैं लग गये और समाज व मीडिया मोंगरिगं करने लगे , राजनीतिज्ञ भी पीछे नहीं रहे और अपने कार्य काल की दुहाईयां देने लगे कि हमने ये किया था हमने वो किया था , और घटना क्रम का राजनीति करण हो गया,
भारत मैं सदा ही समस्या का समाधान भारत की महान न्यायपालिका ही करती है , राजनीतिज्ञ , नौकरशाही , और जो आप समझ रहे हो वो तो सदा समस्या ही पैदा करते है और पराई आग पर अपनी अपनी रोटियां सेकते है , ऐसे मैं न्यायपालिका को ही पहल करनी होगी स्वयं मेव प्रसंगज्ञान ले कर सरकार को निर्देशित करे चाहे C B I जांच करवाये जो उसके क्षैत्राधिकार मैं है चाहे परिवार जनों को दाह संस्कार के लिये आदेशित करे,या कोई अन्य रास्ता निकाले जैसा उचित समझे राज्य हित मैं ,
आपका अपना राजेश टंडन वकील अजमेर।

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