महिला को गोली मारने के मामले में महिला आयोग से की पुलिस की शिकायत

kota newsफ़िरोज़ खान
कोटा 18 जुलाई। पिछले दिनों देवलीमांझी थाना अंतर्गत इस्लामनगर इलाके में हुए गोलीकाण्ड के बारे में मुस्लिम महिलाओं के संगठन नेशनल वूमेंस फ्रंट ने राज्य महिला आयोग को पत्र लिख कर शिकायत की है. संगठन की कोटा जिला अध्यक्ष फरजाना बानो ने प्रेस बयान जारी कर बताया की संगठन की प्रदेश अध्यक्ष वाफिया अन्सार ने राज्य महिला आयोग को लिखे पत्र में लिखा की दिनांक 06 जुलाई 2017 को जिला कोटा थाना देवलीमांझी इस्लामनगर में अलसुबह हुए गोलीकाण्ड की घटना इस प्रकार है की पुलिस सुबह पांच बजे गांव में आ गई उनके पास एक जीप व दो मोटरसाईकिल थी कुछ पुलिस वालों के पास लाठियां कुछ के पास बडी बन्दूकें ओर एक के पास छोटी बन्दूक (रिवाल्वर) थी। आते ही कुछ ने रोशन का फाटक खटखटाया ओर कुछ पुलिस वाले मोहम्मद ऊमर के घर में उसकी गैर मौजुदगी में घुसे वहां पर उसकी बहू के साथ बहस की तथा उसके छोटे बेटे को धमकाया और कोई फोन आने पर सभी जल्दबाजी में रोशन के घर की तरफ चले गए। रोशन के फाटक के बाहर खडे पुलिसकर्मी भी जल्दबाजी में आगे की तरफ भागे जहां पर पहले से कुछ पुलिसकर्मी शौच के लिए जाते रोशन को पकड़कर लातों घुसों और डन्डों से मारपीट कर रहे थे फिर सभी ने उसको जबरदस्ती उठाकर उसके घर के समीप खड़ी जीप में डालकर ले जाने का प्रयास किया तो रोशन के नहीं बैठने एवं चिल्लाने पर पुलिस ने उसको फिर मारा तब शौर की वजह से उसके घर की महिलाएं बाहर आई तो अपने परिवारजन को पिटता देखकर उसे बचाने का प्रयास किया फलस्वरूप पुलिस ने सभी महिलाओं के साथ मारपीट की उसकी बहू शाहिन का दुपट्टा खंीचकर नंगे सर कर दिया उसकी सलवार एवं कमीज भी फाड़ दी एवं दोनो हाथ पकड़कर खींचकर नीचे गिरा दिया जिससे उसकी चुड़ियां टूट गई एवं शरीर पर कई खरोंचे आई। रोशन की पत्नि नूर बानों के साथ भी इसी प्रकार मारपीट की गई उसकी कमीज व अन्र्तवस्त्र फाड़ दिए एवं नीचे गिरा दिया गया शौर ज्यादा होने पर जब ग्रामीणों का उठ उठकर उधर आना हुआ तो घबराहट में एक पुलिसकर्मी ने गोली चला दी जो नूर बानों पत्नि रोशन की जांघ को चीरती हुई निकल गई और वह ड़र व दर्द की वजह से मुर्छित होकर गिर गई तो सभी पुलिसकर्मी व ग्रामीणों ने समझा कि नूर बानोें मर गई।

इस पर पुलिसवाले उसे छोड़कर भागने लगे जीप स्टार्ट नहीं होने पर धक्का लगाकर जीप को आग ले गए फिर आगे जाकर पांच फायर किये और चले गये, जाने से पहले वे आपस में झगड़ रहे थे कि गोली क्यों चलाई वह मर गई तो सब के सब फंस जाऐंगें। इस झगड़ें से नाराज एक पुलिस वाला रूठकर पैदल ही आगे चला गया जिसे एक दुसरा पुलिसवाला वापस मनाकर जीप के समीप लाया ओर फिर सभी अपने वाहनों से रवाना हो गए, ओर उधर नूर बानों के परिजन उसको संभालने में लग गए उसको उठाकर घर के समीप पटटी पर लेटाया ओर साधन न होने की वजह से कोटा में अपने रिश्तेदारों को फोन लगाया जो तुरन्त कैथून से 108 लेकर इस्लामनगर पंहुच गए जिसमें नूर बानों को लेकर कोटा एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाकर ईलाज शुरू करवाया। एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक पी.के. तिवारी ने पुष्टि की कि नूर बानों के जांघ पर गोली लगने से ही घाव हुआ है।

दिन में फिर एक बार दस से ग्यारह बजे के बीच पुलिस वालों की लगभग आठ गाड़िया गांव में आई फिर कुछ ढूंढने का प्रयास किया वहां पर बिखरे चुड़ियों के टुकडे एवं अन्य कुछ चीजों को उठाया एवं अन्य सबूतों को मिटाकर वापस चले गये। घटना के तीसरे दिन फिर लगभग पांच पुलिस वाहन आए ओर फिर कुछ ढूंढने का प्रयास किया कुछ चीजे सड़कों एवं घरों की दीवार के पास से उठाई गांव का चक्कर लगाया एवं वापस चले गए। इस दौरान ग्रामीण पुलिस के ड़र की वजह से अपने घरों में घुसे रहे एवं छुप छुपकर उनकों देखते रहे पुलिस ने बिना किसी कारण रोशन को पकड़ा जबरदस्ती की एवं नूर बानों को गोली मारी ओर अब पुलिस सबूत मिटाने का प्रयास कर रही है जबकि पुलिस ने चार हवाई फायर करना बताया है तो वह कौनसी गोली है जिसने नूर बानों को घायल किया यह भी जांच का प्रमुख विषय है। ग्रामवासियों का आरोप यह भी है कि पुलिस अब उन्हें पत्थरबाजी के झूठे आरोप लगाकर फंसाना चाहती है।

फरजाना बानो ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष वाफिया अन्सार ने पत्र में कहा की शीघ्र अतिशीघ्र आयोग इस मामले में प्रसंज्ञान लें और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित कारवाही करके महिला को इन्साफ दिलाएं । ताकि प्रदेश की महिलाओ को महिला आयोग में विश्वास बना रहे।

error: Content is protected !!