विद्यार्थियों ने लिया ‘बाॅयकाॅट चाइनीज’ का संकल्प

एक काॅलेज एवं चार स्कूलों में हुए जागरूकता के कार्यक्रम

sis nivedita2बीकानेर, 18 अगस्त। स्वदेशी जागरण मंच के ‘राष्ट्रीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान’ के तहत शुक्रवार को विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में ‘चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार, क्यों’ विषयक संगोष्ठियां आयोजित हुई। इस दौरान वक्ताआंे ने चाइनीज वस्तुओं को त्यागकर, स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य कार्यक्रम सिस्टर निवेदिता कन्या महाविद्यालय में हुआ। जहां राजकीय डूंगर महाविद्यालय के व्याख्याता डाॅ. चंद्रशेखर कच्छावा ने कहा कि चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार करते हुए, चीन को आर्थिक मोर्चे पर कमजोर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक भारतीय को, संगठित होकर ड्रेगन का मुकाबला करना होगा। सीमाओं पर चीन की आंख दिखाने की हिमाकत को करारा जवाब देने का यह सबसे आसान तरीका है। उन्होंने कहा कि दीपावली और रक्षाबंधन के अवसर बड़ी मात्रा में चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार करते हुए, भारतीय यह सिद्ध कर चुके हैं कि अब भारत में चीन की दाल नहीं गलने वाली।
स्वदेशी जागरण मंच के महानगर संयोजक मधुसूदन व्यास ने बताया कि जन-जन में स्वदेशी के प्रोत्साहन और चाइनीज बाॅयकाॅट की भावना जागृत करने के लिए मंच द्वारा कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह राष्ट्रीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। माताएं और बहिनें भी इस अभियान में सकारात्मक भूमिका निभाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता है। इस अवसर पर छात्राओं को चाइनीज वस्तुओं के बहिष्कार की शपथ दिलाई गई। महाविद्यालय के डाॅ. रितेश व्यास ने आभार जताया।
नालंदा सीनियर सैकण्डरी स्कूल में रामेन्द्र हर्ष, एंजेल इंग्लिश स्कूल में अविनाश, विवेक बाल निकेतन में श्रीवल्लभ और राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल में मधुसूदन व्यास ने विषय रखते हुए चाइनीज वस्तुएं खरीदने से होने वाले आर्थिक एवं सामरिक नुकसान के बारे में बताया। मधुसूदन व्यास ने बताया कि मंच द्वारा अब तक लगभग दो दर्जन शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अभियान के तहत महानगर के प्रत्येक नागरिक तक इस संदेश को पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे।

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