
विजय जैन ने शुक्रवार को भाजपा पर तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगया है और कार्रवाई की मांग की है। उन्होने कहा कि भाजपा को शायद राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से कहीं ज्यादा अपनी पार्टी का वो कार्यक्रम प्यारा है जो नोटबंदी की वर्षगांठ पर आयोजित किया गया और उसमें राष्ट्रीय ध्वज का कुछ इस तरह अपमान किया गया की झन्डे के बीचों बीच रहने वाले अषोक चक्र को गायब कर राष्ट्रीय ध्वज का प्रर्दषन कि गया और इस सब के बावजूद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर मेयर अधोक लाहोटी मंत्रीमंडल के सदस्यों और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेष स्तरीय नेताओं नेे कोई आपत्ति नहीं जताई जो आष्चर्य चकित करती है।
जैन ने कहा कि भाजपा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया और जहां यह हुआ वह एक सरकारी कार्यक्रम में था। यह भाजपा और उसके सरकार का असली चेहरा दिखाता है जो अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए देशभक्ति के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होने कहा कि भाजपा का राष्ट्रीय ध्वज के और वंदे मातरम से कोई संबंध नहीं है लेकिन सरकार ने इस कार्यक्रम के माध्यम से दोनों को जोड़ने का प्रयास किया और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इससे पूर्व राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को रूमाल बनाकर इस्तेमाल करने को लेकर भह खूब हल्ला मचा था मगर भाजपा ने इस पर किसी प्रकार से क्षमा याचना नहीं की थी। भाजपा राष्ट्र भक्ति के मुद्दे पर देष में माहोल खराब करती है यही कारण है कि केन्द्र भाजपा की सरकार बनी है तबसे राष्ट्रीय भक्ति को लेकर काफी विवाद हुआ है। भाजपा कार्यकर्ता सभी को राष्ट्रीय भक्ति का प्रमाण बांटते फिरते हैं कभी वंदेमात्रम के नाम पर तो कभी कोई और मुद्दा हो देष में अषांति का माहौल पैदा करने से नही चूकते।
कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती ने बताया कि दरअसल 9 नवम्बर को भाजपा द्वारा नोटबंदी पर जष्न मनाने का ऐलान किया था और जयपुर के एक स्टेडियम में जश्न मनाने के लिए इकठठा हुऐ कार्यकर्ताओं के हाथों में राष्ट्रीय झंडे अशोक चक्र के बिना पाए गए थे। स्टेडियम में राजस्थान यूथ बोर्ड और आरएसएस समर्थित बैंगलोर हिंदू आध्यात्मिक और सेवा मेले के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस जष्न में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर मेयर अधोक लाहोटी मंत्रीमंडल के सदस्यों भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं का जमावड़ा लगाया गया इस कार्यक्रम में राष्ट्रवाद के कथित प्रर्दषन के लिये भाजपा ने देष के राष्ट्रीय ध्वज का भी इस्तेमाल किया मगर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को इसके सम्मान का संदेष नहीं दे सकी जहां इस झन्डे से अषोक चक्र का निषान गायब था वहीं कार्यक्रम के बाद भाजपा काय्रकर्ताओं और नेताओं ने पैरों तले रौधने के लिये जमीन पर फेंक दिये जिससे खुले आम राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हुआ कांग्रेस ऐसे कृत की घोर निंदा करते हुऐ भाजपा से सार्वजनिक रूप से माफी मागने की मांग करती है।
कांग्रेसी के वरिष्ठ नेताओं में पूर्व विधायक डा. गोपाल बाहेती, डा. राजकुमार जयपाल, ललित भाटी, प्रदेष कांग्रेस सचिव महेन्द्र रलावता, कमल बाकोलिया, हेमंत भाटी ने निंदा करते हुऐ कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रकार राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करके वास्तव में खुद को तानाशाह और देश को मिलकियत समझने लगे है शायद इसलिए ऐसी नापाक हरकतें करने लगे हैं। इनकी गुंडागर्दी, गौरक्षा के नाम पर संप्रदाय विशेष को प्रताड़ित करना जैसे तैसे बर्दाष्त किया जा रहा था लेकिन ये खुद को राष्ट्रवाद का पुरोधा और ठेकदार समझते हैं तो इसे किसी सूरत में बर्दाष्त नहीं किया जाऐगा।