ओबामा ने फिर जीता अमेरिका

जब यह फैसला आया कि किंगमेकर राज्य ओहायो ने बराक ओबामा को फिर अपना लिया है। ठीक एक मिनट के भीतर पूरी दुनिया यह जान गई कि 51 साल के बराक हुसैन ओबामा अब चार साल के लिए फिर ह्वाइट हाउस और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण देश का ताज संभालेंगे।

रिपब्लिकन मिट रोमनी के साथ इस करीबी मुकाबले में बाजी उन्हीं राज्यों ने पलटी जिन्हें जीत-हार तय करनी थी, लेकिन ओहायो, फ्लोरिडा, वर्जीनिया के चुनाव में हार-जीत केवल एक दो फीसद वोट के अंतर से हुई। लोकप्रियता केवोट में भी ओबामा की बढ़त एक फीसद रही है। 538 मतों के राष्ट्रपति इलेक्टोरल कॉलेज में ओबामा को303 वोट मिले। यह आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी 270 वोट से 33 ज्यादा है। उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन मिट रोमनी को सिर्फ 206 वोट मिले। बराक ओबामा की यह दूसरी जीत अफ्रीकी अमेरिकी, लैटिन अमेरिकी, एशियाई और शहरी श्वेत मध्य वर्ग के समर्थन से आई है।

अमेरिकी राजनीति की परंपरा के मुताबिक बोस्टन में रोमनी ने अपनी हार स्वीकार कर ली और ओबामा को बधाई दी। ओबामा ने अपने लंबे विजय भाषण में वरीयताओं और कदमों का जिक्र करते हुए अपना एजेंडा स्पष्ट किया। ओबामा की जीत से अमेरिकी संसद की सूरत में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। अमेरिकी काग्रेस यानी संसद में गतिरोध और मजबूत हो गया है। संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन काबिज हैं जबकि सीनेट में डेमोक्रेट। अर्थात ओबामा का चुनौती भरा एजेंडा संसद की खींचतान में फंसेगा। ओबामा को सबसे पहले अमेरिका को वित्तीय संकट की गर्त से निकालना है जिसके लिए उन्हें रिपब्लिकन की मदद चाहिए।

ओबामा ने जीत के लिए जरूरी सभी आठ राज्य जीत लिए हैं, जिससे इलेक्टोरल कॉलेज की गणित में उनके वोट बढ़ गए। हालांकि मुकाबला गजब का करीबी रहा, जिसके चलते ओबामा की यह जीत 2008 के मुकाबले काफी हल्की है। ओहायो, वर्जीनिया और फ्लोरिडा में जीत केवल एक या दो प्रतिशत के अंतर से हुई। जो कई तरह की कानूनी पेचीदगी पैदा करेगी। इनके मुकाबले कोलोराडो, आयोवा, नेवादा, न्यू हैंपशायर में ओबामा की जीत का अंतर कुछ बेहतर रहा। ओबामा ने अपना राज्य इलिनायस और मिट रोमनी ने मैसाच्युसेट्स जीत लिया, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी से उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी पॉल रेयान अपने राज्य विस्कांसिन को डेमोक्रेट के कब्जे में जाने से नहीं बचा सके। इस चुनाव के बाद मध्य और दक्षिणी राज्यों में रिपब्लिकन का कब्जा है जबकि पूर्व व पश्चिम डेमोक्रेट के पास है ।

ओबामा की जीत उनकेवोट बैंक से निकली। नतीजे और एक्जिट पोल बताते हैं कि अमेरिकी आबादी का नस्ली ढाचा ओबामा के पक्ष में गया। साथ ही शहरी इलाकों की उदार श्वेत आबादी ने ओबामा का समर्थन किया। जबकि ग्रामीण इलाकों का समर्थन रोमनी को गया। अफ्रीकी अमेरिकी, लैटिनी अमेरिकी और एशियाई मूल के लोगों का मतदान में हिस्सा 2008 के 24 फीसद की तुलना में इस बार 26 फीसद हो गया। इसी तरह युवा पिछले चुनाव में भी ओबामा केसाथ थे। इस बार उनकेवोट और बढे़ हैं।

फोर मोर ईयर्स: ओबामा ने ट्विटर पर घोषित की अपनी जीत

वाशिंगटन। जिस समय समाचार चैनलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बराक ओबामा की जीत का समाचार दिया जा रहा था, उसी समय उन्होंने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर और सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपनी जीत की घोषणा की।

ओबामा ने अपने दो करोड़ 20 लाख फॉलोअर्स के लिए किए गए ट्वीट में कहा, ‘मुझे आपके कारण जीत मिली है। धन्यवाद।’ देश की प्रथम महिला मिशेल ओबामा को गले से लगाए चित्र को पोस्ट करने के बाद उन्होंने कहा, ‘फोर मोर ईयर्स।’ ट्विटर के मुताबिक पोस्ट को तीन घटे में चार लाख 72 हजार लोगों ने साझा किया। वेबसाइट बजफीड के मुताबिक यह सबसे अधिक लोकप्रिय रहा है और इसने गायक जस्टिन बीबर के संदेश को पीछे छोड़ दिया है।

यही तस्वीर ओबामा के फेसबुक अकाउंट पर भी दिखी। इसे ओबामा के करीब तीन करोड़ 20 लाख प्रशंसकों ने साझा किया। 80 हजार 700 कमेंट में से एक में एंजेला डि जीसस ने कहा, ‘हमने आपके पक्ष में मतदान किया। ओबामा अब कृपया आप वह करें जिसका कि आपने वादा किया है।’ अमेरिका में महीनों चले चुनाव अभियान में सोशल नेटवर्किंग साइटों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इनके माध्यम से ओबामा और रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी ने मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था।

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