*केकड़ी कॉलेज में प्राचार्य व व्याख्याताओं के 14 पद रिक्त*
*केकड़ी_16 जुलाई।
एनएसयूआई के विद्यार्थियों ने आज कॉलेज में व्याख्याताओं के खाली पड़े पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के विधानसभा अध्यक्ष राकेश चौधरी व कॉलेज ईकाई अध्यक्ष सुरेश धाकड़ के नेतृत्व में आज विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं बाद में राज्यपाल के नाम कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। केकड़ी उपखंड मुख्यालय पर स्थित एक मात्र राजकीय महाविद्यालय में 14 व्याख्याताओं के पद रिक्त पड़े हैं। पिछले सालों से व्याख्याताओं के 9 पद रिक्त चल रहे हैं वहीं हाल ही में प्राचार्य व 5 व्याख्याताओं का और तबादला हो गया जिनके स्थान पर एक भी व्याख्याता नहीं लगाया गया है। महाविद्यालय में पहले से ही व्याख्याता राजनीति शास्त्र के 3 पद, व्याख्याता इतिहास के 3 पद, व्याख्याता समाजशास्त्र 1 पद, व्याख्याता भौतिक शास्त्र 1 पद, व्याख्याता हिंदी 1 पद रिक्त चल रहे थे। ऊपर से केमिस्ट्री, मैथ्स, जूलॉजी, राजनीति विज्ञान व अंग्रेजी के व्याख्याताओं सहित प्राचार्य का तबादला हो गया। वहीं प्रयोगशाला सहायक के 2 पद, प्रयोगशाला वाहक का 1 पद, कनिष्ठ लिपिक 2 पद, ए ए ओ का 1 पद व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 2 पद लम्बे अरसे से खाली चल रहे हैं। अब महाविद्यालय में मात्र 6 व्याख्याता ही है जिनके भरोसे कैसे महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो सकती हैं। खाली पदों पर नियुक्ति को लेकर हर साल छात्र संगठन आवाज उठाते है लेकिन हर बार केवल थोथे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिलता। राज्य सरकार उच्च शिक्षा के प्रति गम्भीर नहीं है। ऐसे में हम युवाओं के भविष्य की चिंता कैसे न करें, युवा तो देश का भविष्य हैं। सरकार इस ओर ध्यान न देकर क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।बिना व्याख्याताओं के कॉलेज के छात्र छात्राएं कैसे पढ़ाई करें जबकि अभी तो कॉलेज में पढ़ाई शुरू ही हुई है तथा नये एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है।
उल्लेखनीय है कि उपखंड क्षेत्र के एकमात्र इस राजकीय महाविद्यालय में करीब सौ गांवो के नव युवक युवतियां पढ़ने के लिए आते हैं। महाविद्यालय में छात्र छात्राओं की संख्या करीब 1300 है। इसी आधार पर केकड़ी के इस महाविद्यालय को आदर्श महाविद्यालय बनाने की सरकार घोषणा कर चुकी है, क्या ऐसे ही होगा ये आदर्श महाविद्यालय !