जयपुर, 30 जुलाई (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित कार्यालय ’’अकादमी संकुल’’ में सोमवार, 30 जुलाई, 2018 को मासिक साहित्यिक (अदबी) गोष्ठी का आयोजन किया गया।
अकादमी सचिव ईश्वरलाल मोरवानी ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री लक्ष्मण भंभानी ने की। गोष्ठी में डा.खेमचंद गोकलानी ने कविता ’’अ´ां ओसीडो’’, कन्हैया अगनानी ने लघु कथा ’’असीं सिन्धी’’, डा.हरि जे.मंगलानी ने कविता ’’अजु जी रात सजण’’, हरीश करमचंदानी ने कविता ’’बार जी जिज्ञासा’’, टी0आर0शर्मा ने आलेख ’’झूलेलाल’’, सुरेश सिन्धु ने आलेख ’’हिदायतकार खे नाटक तैयार करण में ईंदड़ तकलीफूं’’, अजमेर के रमेश नारवानी ’’नींगर’’ ने कविता ’’प्यार जो पार नाहे’’, रमेश रंगानी ने हास्य व्यंग्य लेख ’’जदहिं मां बदलीअ ते बाहर वियुसि’’ गायत्री ने कहानी ’’खंजर’’, डा0एस0के0लोहानी ’’खालिस’’ ने कविता ’’इश्क बेपनाह ऐं गरम हवा’’, वासदेव गिरयानी ने कविता ’’जीवन दाढो नीरस आहे’’, रोमा चांदवानी ’’आशा’’ ने कहानी ’’बदलजी रहि आहियां मां’’, हेमन दास ने कविता ’’अजु जो समय’’, नन्दिनी पंजवानी ने कविता ’’कारोबार भागु सवारन जो’’ डा0पूनम केसवानी ने कविता ’’किताबूं कुझ न कुझ चवंदियूं आहिनि’’, चन्द्रकांता पारवानी ने कविता ’’समझोतो’’ ज्योति ने कविता ’’आयो नओ जमानो आहे’’, हेमा मलानी ने कविता ’’कर्मयोगी मोहिनी’’, गोपाल ने कविता ’’हिक नजर मुखे निहारे रही हुई’’, श्याम गोवरानी ने वार्ता ’’सामाजिक समस्या ऐं निदान’’ पार्वती भागवानी ने कहानी ’’बारनि जूं छुटियूं’’ बीना प्रियदर्शना ने कविता ’’ख्वाब जी दुनिया में’’, डी0डी0इसरानी ने गीत ’’हजिया-हजिया भागन वारो’’ एवं लक्ष्मण भंभानी ने कहानी ’’लाचार’’ प्रस्तुत की।
गोष्ठी के अन्त में पूर्व सांसद, प्रख्यात गीतकार बालकवि बेरागी, वरिष्ठ गीतकार श्री गोपाल दास नीरज एवं संत श्री जश्न वासवानी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गोष्ठी में अकादमी के पूर्व सदस्य, सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार आदि उपस्थित थे।
(ईश्वरलाल मोरवानी)
सचिव