प्राचीन सिन्धी साहित्य को संरक्षित करने के उपाय किये जायेंगे

जरूरतमंद साहित्यकारों को आर्थिक सहयोग देगी अकादमी
जयपुर, 1 अगस्त (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा प्राचीन सिन्धी साहित्य को संरक्षित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है तथा अकादमी द्वारा जरूरतमंद सिन्धी साहित्यकारों/उनकी विधवाओं को आर्थिक सहायता राशि भी दी जायेगी।

अकादमी सचिव ईश्वर मोरवानी ने बताया कि अकादमी अध्यक्ष हरीश राजानी की योजना है कि प्राचीन सिन्धी साहित्य के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु सिन्धी साहित्यकारों से साहित्य एकत्रित कर उसे अकादमी द्वारा धरोहर के रूप में संरक्षित किया जायेगा। उन्होंने सिन्धी साहित्यकारों एवं उनके परिजनों का आवह्ान किया है कि जो भी साहित्यकार अपने साहित्य को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं वे राजस्थान सिन्धी अकादमी को अपना साहित्य/विरासत सौंप सकते हैं, उनके साहित्य को अकादमी द्वारा धरोहर के रूप में संरक्षित रखा जायेगा।

इसी प्रकार अकादमी द्वारा जरूरतमंद सिन्धी साहित्यकारों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली सहायता राशि के लिये भी आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इस योजना के अन्तर्गत अकादमी द्वारा आर्थिक दृष्टि से कमजोर एवं जरूरतमंद सिन्धी साहित्यकारों/उनकी विधवाओं को 10 हजार रू. की आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। इसके लिये जरूरतमंद साहित्यकार/उनकी विधवायें 31 अगस्त, 2018 तक अकादमी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये अकादमी के दूरभाष संख्या 0141-2700662 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

(ईश्वर मोरवानी)
सचिव

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