महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर एसकेआरएयू में कार्यक्रम आयोजित
बीकानेर, 2 अक्टूबर। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के इंडोर हाॅल में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गांधीवादी विचारक-चिंतक प्रो. धर्मचंद जैन थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा के पथ पर चलने की प्रेरणा दी। वे सत्य के शोधक एवं आध्यत्मिक वैज्ञानिक थे। उन्होंने साधना और मुक्ति को नया अर्थ दिया। आज के दौर में गांधी के सिद्धांत हमारे जीवन में उतरने चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को गांधी के जीवन मूल्यों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, ऐसे महापुरूषों का ऋणी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बी. आर. छीपा ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के पथ पर चलकर देश को आजादी दिलाई। वे शांत राष्ट्रवाद के प्रवर्तक थे। उन्होंने विदेशी भाषा, वस्त्र और संस्कृति को त्यागते हुए स्वदेश और स्वदेशी वस्तुओं से प्रेम करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने 190 सालों के राज में मैकाले शिक्षा पद्धति का दंश दिया। उन्होंने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से कत्र्तव्यपथ पर बढ़ने की सीख दी।
कार्यक्रम समन्वयक तथा निदेशक (छात्र कल्याण) डाॅ. वीर सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर प्रदर्शनी लगाई गई है। डाॅ. सिंह ने स्वागत उद्बोधन देते हुए महात्मा गांधी के सिद्धांतों एवं विचारों की बात रखी। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डाॅ. आई.पी. सिंह ने कहा कि वर्ष 2007 से 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिसंा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
अधिष्ठाता (पीजीएस) डाॅ. विमला डुकवाल ने बताया कि भारत का नवयुवक आज फिर से गांधी के पथ पर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का अनुसरण किया। इस दौरान कृषि महाविद्यालय के प्रांजल पाटिदार, कृषि व्यवसाय एवं प्रबंधन संस्थान के दीपांशु गोस्वामी तथा गृह विज्ञान महाविद्यालय की नीलाक्षी तनिमा ने भी गांधी दर्शन पर अपने विचार रखे।
इससे पहले अतिथियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में 14 से 20 सितम्बर तक आयोजित हिन्दी चेतना सप्ताह तथा हाल ही में गांधी दर्शन पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। सांस्कृतिक समन्वयक डाॅ. चित्रा हेनरी ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. बृजेन्द्र त्रिपाठी ने किया।
प्रथम रही कृषि महाविद्यालय की स्टाॅल
कार्यक्रम के दौरान गांधी दर्शन पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें कृषि महाविद्यालय की स्टाल प्रथम, गृह विज्ञान महाविद्यालय की स्टाल दूसरे तथा कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान की स्टाॅल तीसरे नंबर पर रही। कार्यक्रम के दौरान इन्हें पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान गृह विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. दीपाली धवन, निदेशक (अनुसंधान) डाॅ. एस. एल. गोदारा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कार्मिक एवं विद्यार्थी मौजूद थे।