गंगाशहर। तेरापंथ युवक परिषद और तेरापंथ महिला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में भक्तामर स्त्रोत शुद्ध उच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन बहुश्रुत मुनिश्री राजकरणजी और शासनश्री मुनिश्री मुनिव्रतजी के सान्निध्य में गंगाशहर स्थित तेरापंथ भवन में किया गया। महिला मण्डल के मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। प्रतियोगिता संयोजक रतन छलाणी ने सभी प्रतियोगियों को प्रतियोगिता के नियम बताए। प्रतियोगिता को चार चरणों में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में हर आयुवर्ग के श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया।
प्रतियोगिता संयोजक अशोक चोरडि़या ने बताया कि प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में सुप्रिया राखेचा और कनक प्रभा सेठिया ने अपनी सेवाएं प्रदान की। चोरडि़या ने बताया कि मंजू देवी आंचलिया और विनिता नाहटा ने प्रथम, हेमन्त नाहटा ने द्वितीय व कमलेश सामसुखा और कोणिक सेठिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
तेयुप मंत्री पवन छाजेड़ ने बताया कि कार्यक्रम में बीकानेर महापौर नारायण चौपड़ा, तेरापंथी सभा के मंत्री अमरचन्द सोनी, राजेन्द्र सेठिया, चन्द्र कुमार राखेचा, जतन संचेती, अनिल सेठिया की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर तेयुप के देवेन्द्र डागा, भरत गोलछा, गौरव डागा, वर्धमान चौपड़ा आदि उपस्थित हुए। महापौर नारायण चौपड़ा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बहुत ही कम देखने को मिलते है, भक्तामर का एक-एक श्लोक बहुत ही चमत्कारी है सभी को इस का नित्य उच्चारण करना चाहिए। इस अवसर पर राजेन्द्र सेठिया, सुप्रिया राखेचा और कनक प्रभा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अन्त में सभी विजेता प्रतिभागियों, निर्णायकों और प्रतियोगिता संयोजकों को मोमेन्टो और साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। महिला मण्डल मंत्री संजू लालाणी ने सभी का आभार ज्ञापन किया और कहा कि साध्वीश्री और मुनिश्री की प्रेरणा से ही यह कार्यक्रम हो पाया है। मुनिश्री गिरीशकुमारजी ने मंगल उद्बोधन और मंगलपाठ सुनाया। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रतियोगिता के संयोजक रतन छलाणी ने किया।
विनीत बोथरा मीडिया प्रभारी