क्षार सूत्रा चिकित्सा से विष्णु को मिला नया जीवन

ब्यावर, एक जुलाई। अजमेर जिले के मांगलियावास के पास छोटे से गांव अंसुरी के निवासी विष्णु मेघवाल गत पांच वर्षों से फिस्टुला की बिमारी से पीड़ित थे। इसका विभिन्न स्तरों पर ईलाज करवाया गया। लेकिन उन्हें विशेष लाभ नहीं हुआ। धीरे-धीरे यह बीमारी विकराल होती गई और यह मल्टीपल फिस्टुला में तब्दील हो गया। फिस्टुला का स्वरूप इतना भयावह हो गया कि इनके अधो भाग में चालीस से भी अधिक छिद्र हो गये। ये लगातार रिसकर घाव का रूप लेने लगे। विष्णु इससे काफी परेशान रहने लगे। परिवार के सदस्य भी लम्बे समय तक तिमारदारी करते करते परेशान होने लगे। मगर परिवार का पूरा सहयोग मिला। ऐसे ही समय बड़ी मुश्किल से बीत रहा था। इसी बीच उनके परिचित ने ब्यावर के श्री चांदमल मोदी राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डाॅ. रमाशंकर पचैरी के बारे में बताया। श्री विष्णु ने उनको भी आजमाने की दृष्टि से ब्यावर का रूख किया।
ब्यावर के श्री चांदमल मोदी राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय को अजमेर जिले में क्षार सूत्रा चिकित्सा के लिए वर्ष 2016-17 से अधिकृत किया गया है। इससे पूर्व भी यहां क्षार सूत्रा चिकित्सा के माध्यम से अधोजत्राु रोगों में आने वाले बवासीर, भगन्दर एवं फिशर जैसे असहाय कर देने वाले रोगों का उपचार किया जाता रहा है। चिकित्सालय में विष्णु के आते ही उसको भर्ती करके तुरन्त उपचार आरम्भ कर दिया।
डाॅ. पचैरी ने बताया कि श्री विष्णु को चिकित्सालय में लाते समय ये क्रिटिकल पोजिशन में थे। ये मल्टीपल फिस्टुला से ग्रसित होने के कारण अपने सामान्य क्रिया कलाप भी ठीक तरीके से सम्पादित नहीं कर पा रहे थे। आयुर्वेद मनिषी चक्रदत्त की उपचार पद्धति का अनुसरण करते हुए, आयुर्वेद विभाग के निर्देशानुसार उपचार किया गया। क्षार सूत्रा चिकित्सा के माध्यम से उपचार किया। इसके परिणाम आशाजनक रहे। निरन्तर उपचार के घावों का आकार तथा संख्या में लगातार कमी आई। वर्तमान में नाम मात्रा के घाव शेष रहे हैं। इनका भी निरन्तर भरने का क्रम जारी है। शीघ्र ही रोगी इस रोग से मुक्त हो जाएगा।
श्री विष्णु ने कहा कि मेरे जीवन में दो व्यक्ति भगवान बनकर आये हैं। एक तो वह परिचित जिन्हांेने मुझे यहां का पता बताया और दुसरे डाॅ. रमा शंकर पचैरी जिन्हांेने मुझे इस घोर बिमारी से बाहर निकाला। यह आयुर्वेद का चमत्कार है। इस कारण मैंने आज नया जीवन प्राप्त किया है। बड़े बुजुर्ग चिकित्सक को भगवान का दर्जा देते हैं। मैंने तो साक्षात भगवान के हाथों जीवन पाया है।

error: Content is protected !!