संचिना कला संस्थान का 22 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया

शाहपुरा(भीलवाड़ा)
संचिना कला संस्थान शाहपुरा का 22 वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार को महाप्रभु स्वामी रामचरण कन्या विद्यापीठ परिसर में वहां की प्राचार्य डा. आशा यादव के मुख्य आतिथ्य व संचिना अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न विधाआंे की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान संगीतकार व गीतकार बालकृष्ण बीरां, मधुलिका सक्सेना सहित अन्य मोजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा. आशा यादव ने कहा कि शाहपुरा प्रतिभाओं की खान है। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को निखार कर सामने लाया जाए तथा उनको उचित मंच प्रदान किया जाए। संचिना कला संस्थान पिछले 22 वर्षो से शाहपुरा क्षेत्र में यही कार्य कर रहा है जिसके कारण आज बाल प्रतिभाएं राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक अपना प्रदर्शन कर रहे है। उन्होंने कहा कि बाल प्रतिभाओं को निखारने के कार्य में उनकी संस्था की ओर से हर संभव मदद की जायेगी।
संचिना महासचिव सत्येंद्र मंडेला ने सभी का स्वागत करते हुए संचिना की गतिविधियों व अब तक की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कविताओं के माध्यम से अपनी रचनाएं पेश की। संचिना अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक ने आकर्षक तरीके से मैं कुआं हू, मेरी सुध कौन लेगा, जल है तो कल आदि विषय पर नाटक प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अधिवक्ता दीपक पारीक ने मुकाभिनय में अपनी दो प्रस्तुतियों से सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। समारोह में निर्गुणी भजन गायक हीरालाल कुम्हार, गोर्वधन बुनकर, छीतर नायक, रामप्रसाद पारीक ने दो भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को उंचाईयां प्रदान की। समारोह में बालकृष्ण बीरां सहित महाविद्यालय की छात्राध्यापिकाओं ने भी अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी। अंत में संचिना के उपाध्यक्ष मूलचंद पेसवानी ने सभी का आभार ज्ञापित किया।

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