पराली जलाने पर लगेगा जुर्माना

सैटेलाइट से की जा रही है मॉनिटरिंग
अजमेर, 24 अक्टूबर। कृषि अवशेषों (पराली) को जलाने पर संबंधित के विरूद्ध जुर्माना लगाने के लिए सैटेलाईट के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में किसानों द्वारा फसल कटाई के उपरान्त खेत में शेष रहे फसलों के अवशेषों को खेत में ही अथवा निकटतम ईंट भट्टे पर जलाया जाता है। इससे भूमि एवं वायु प्रदूषण होता है। यह प्रदूषण क्षेत्र की माइक्रो एग्रिकल्चर ईकोलॉजी तथा मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक होता है। फसल अवशेषों को जलाने की अंतरिक्ष आधारित मॉनिटरिंग के परिपेक्ष में नासा की सैटेलाइट के माध्यम से स्टेट रिमोट सैंसिंग सैंटर तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मॉनिटरिंग 24 घण्टे की जाती है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) व केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा पराली जलाने को गम्भीरता पूर्वक लिया जा रहा है। इसे प्रतिबंधित करने के साथ ही इसकी रोकथाम के लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दो एकड़ से कम भूमि पर 2 हजार 500, 2 एकड़ से 5 एकड़ भूमि पर 5 हजार तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15 हजार रूपए का जुर्माना वसूला जाएगा।

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